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सीमेंटेड स्लीपर रखकर महानंदा एक्सप्रेस को पलटने की साजिश नाकाम

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गहमर थाना क्षेत्र के पंडित दीनदयाल उपाध्याय दानापुर रेलखंड के गहमर रेलवे स्टेशन से पश्चिम करहिया गांव के पास शनिवार की देर रात दिल्ली अलीपुर सिक्किम महानंदा एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 15484 को डीरेल करने की साजिश नाकाम हो गई। पुलिस मुकदमा दर्ज कर छानबीन में जुटी हुई है। अराजकतत्वों ने डाउन लाइन रेलवे ट्रैक पर सीमेंटेड स्लीपर रख दिया था। लोको पायलट की सूझबूझ से ट्रेन को इमरजेंसी ब्रेक लगाते हुए डीरेल होने से बचा लिया। हालांकि इमरजेंसी ब्रेक लगाने के बावजूद ट्रेन रेलवे ट्रैक पर रखें सीमेंटेड स्लीपर से जा टकराई, जिससे इंजन का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं रेलवे ट्रैक पर भी निशान पड़ गए हैं। इस दौरान ट्रेन करीब 20 मिनट तक खड़ी रही।
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पंडित दीनदयाल उपाध्याय दानापुर रेलखंड पर इन दिनों अराजकतत्व के द्वारा ट्रेन डीरेल करने की कई बार साजिश की जा रही है। देर रात दिल्ली से सिक्किम जा रही ट्रेन नंबर 15484 महानंदा एक्सप्रेस अभी दिलदारनगर से आगे करहिया गांव के पास पहुंची ही थी कि किमी संख्या 686/ 31-32 के बीच पायलट को रेलवे ट्रैक पर सीमेंटेड स्लीपर दिखाई दिया। पायलट ने तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगा दिया। इमरजेंसी ब्रेक लगाने के बावजूद ट्रेन काफी करीब से स्लीपर से जा टकराई, जिससे इंजन का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गई। पायलट ने घटना की जानकारी भदौरा रेलवे स्टेशन और दानापुर मंडल के कंट्रोल रूम को दी जिससे रेल अधिकारियों में हड़कंप मच गया। रेल कर्मचारियों ने डाउन रेल पटरी से क्षतिग्रस्त सीमेंटेड स्लीपर को हटाया और रेल इंजन की जांच पड़ताल के बाद ट्रेन को गंतव्य के लिए रवाना किया गया। आरपीएफ वरीय सुरक्षा आयुक्त दानापुर प्रकाश कुमार पंडा ने बताया कि गहमर और भदौरा रेलवे स्टेशन के बीच करहिया गांव के पास महानंदा एक्सप्रेस को डीरेल करने की साजिश की गई थी, जिसे नाकाम कर दिया गया है। आरोपियों के खिलाफ में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
स्लीपर रखकर ट्रेन डीरेल करने की हुई थी साजिश
सेवराई। बीते 10 मई की रात गहमर में अराजकतत्वों के द्वारा रेलवे ट्रैक पर स्लीपर रखकर ट्रेन को डीरेल करने की साजिश की गई थी। आए दिन हो रहे इस तरह के रेल घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए आरपीएफ की कई टीमें लगाई गई हैं। दिलदारनगर आरपीएफ के उपनिरीक्षक नवीन कुमार एवं स्थानीय पुलिस के द्वारा मामले की छानबीन की जा रही है। स्थानीय लोगों द्वारा आरोप लगाया जा रहा है कि आरपीएफ के जवानों के द्वारा रेलवे ट्रैक के आसपास गश्त नहीं किया जाता है, जिसके कारण क्षेत्र के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर अराजकतत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे आए दिन इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। लोगों ने आरपीएफ के क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की है।
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