लखीमपुर खीरी में आंदोलनरत किसानों में चार की गाड़ी से रौंदे जाने से हुई मौत मामले को लेकर सोमवार को नाराजगी जताई। इस घटना के विरोध में सोमवार को सपा, कांग्रेस, भाकपा माले और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने धरना दिया। सभी ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक मदद देने की मांग की। धरना के दौरान सपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच मामूली नोकझोंक भी हुई।
लखीमपुर मामले में आंदोलनरत किसानों को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा के पुत्र आशीष मिश्रा पर गाड़ी से किसानों को रौंदने का आरोप लगाते हुए सपा कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को गिरफ्तार करने पर नाराजगी जताई। सपा कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय के मुख्य गेट पर धरना दिया। इस दौरान योगी सरकार को बर्खास्त करने, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने, उनके पुत्र एवं उसके सहयोगियों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार करने, मारे गये किसानों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये और घायल किसानों को दस-दस लाख रुपये देने की मांग की। इन्हीं मांगों से संबंधित राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। धरना सभा में विधायक डॉ. वीरेंद्र यादव ने कहा कि देश और प्रदेश की मोदी और योगी की सरकार ने ब्रिटिश हुकूमत को भी शर्मिंदा कर दिया है। इस सरकार में लोकतांत्रिक और सांविधानिक अधिकारों का लगातार हनन किया जा रहा है। प्रदेश सरकार पूरी तरह से दमन पर उतारू है। लाठी, गोली और डंडे के बल पर किसानों की आवाज को दबाना चाहती है। सरकार पूरी तरह से संवेदनहीन है।
जिलाध्यक्ष रामधारी यादव ने कहा कि यह सरकार किसानों के आंदोलन से घबराकर उनकी हत्या करने पर उतारू हो गई है। पार्टी कार्यालय समता भवन से से डीएम कार्यालय जाते समय कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोकने की कोशिश की लेकिन उन्हें रोकने में असफल रही।
कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी को किसान परिवार को सांत्वना देने जाने से रोकने और उनके साथ अभद्र व्यवहार कर गिरफ्तार करने की जानकारी होने पर जिलाध्यक्ष सुनील राम के नेतृत्व में जुलूस की शक्ल में डीएम कार्यालय के समक्ष कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया। मांगों से संबंधित राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एडीएम के माध्यम से दिया गया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव जिले के प्रभारी डॉ. राहुल राजभर ने कहा कि तानाशाही योगी सरकार ने लोकतंत्र के मूल्यों को ध्वस्त कर दिया है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि योगी सरकार पुलिस के बल पर आंदोलन को दबा रही है। इसे सहन नहीं किया जाएगा।
आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने लखीमपुर खीरी में तीन कृषि कानून के विरोध में प्रदर्शन कर रहे पांच किसानों की वाहन से रौंदकर कर हत्या करने के विरोध में सरजू पांडेय पार्क में धरना-प्रदर्शन कर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा। पार्टी के जिलाध्यक्ष राकेश कुमार एवं किसान प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष नागेंद्र यादव ने कहा कि सरकार तानाशाही का परिचय दे रही है। जिला उपाध्यक्ष दिनेश मौर्य एवं सुभाषचंद्र मौर्य ने कहा कि वर्तमान सरकार निरंकुश हो गई है। मीडिया प्रभारी नागेंद्र शर्मा एवं राजू यादव ने कहा कि सरकार जनता की सरकार न होकर पूंजीपतियों की सरकार हो गयी है। जावेद अहमद एवं सलमान सईद ने कहा कि सरकार एमएसपी पर कानूनी गारंटी दे। इस अवसर पर जेपी भारती, नरेंद्र, दिनेश मौर्य आदि उपस्थित थे।
0
इनसेट
योगी सरकार का पुतला फूंका
गाजीपुर। भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न सवालों को लेकर सरजू पांडेय पार्क में सोमवार को धरना दिया। सेवराई में यूनियन बैंक के सामने योगी सरकार का पुतला फूंककर किसान आंदोलन के पक्ष में आवाज उठाई। अखिल भारतीय किसान महासभा, भाकपा माले इसकी कड़े शब्दों में निंदा करता है। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा के लड़के के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर जेल भेजने की मांग उठाई। मृतक के आश्रित परिवार को 50-50 लाख रुपए मुआवजा देने तथा घायलों को मुफ्त इलाज और 20-20 लाख रूपए आर्थिक मुआवजा देने की मांग उठाई। धरना में प्रमोद कुशवाहा, रामप्रवेश कुशवाहा, रोहित बिंद, भरथ पासी, अमरनाथ, प्रदीप रावत, शकुंतला देवी ने विचार व्यक्त किया। अंत में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार सदर को सौंपा।