राजस्व वसूली को लेकर शनिवार को राइफल क्लब में हुई समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने राजस्व की कम वसूली पर नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना बना कर राजस्व वसूली के लक्ष्य को पूरा करें। इसमें किसी तरह की लापरवाही पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने चकबंदी, व्यापार कर, विद्युत देय, आबकारी, औद्योगिक ऋण, बाट-माप, बैंकदेय, परिवहन, मंडी समिति, वन विभाग, स्टांप, नगर पालिका, आडिट आपत्ति, अंश निर्धारण, आईजीआरएस, मोटर देय आदि की समीक्षा की। इस दौरान कम राजस्व वसूली वाले विभागों के प्रति नाराजगी जताते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को वसूली का लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया। कहा कि इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही एवं शिथिलता क्षम्य नहीं होगी। जिस विभाग के राजस्व वसूली का लक्ष्य पूरा नहीं होगा उसके अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ अलग बैठक की। इसमें लंबित प्रकरण एवं विवादित, दाखिल खारिज 122बी में विवादित वादों का निस्तारण करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने आडिट आपत्ति, व्यापार कर, परिवहन कर, बैंक देय और जनपद के बड़े बकायादारों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि राजस्व वादों का समाधान गुण एवं दोष के आधार पर किया जाए। उन्होंने आईजीआरएस की समीक्षा के दौरान सभी डिफाल्टर शिकायत पत्रों का समाधान दो दिन के अंदर करने का निर्देश दिया। कहा कि इसकी समीक्षा शासन स्तर से की जाती है। सभी अधिकारी पोर्टल पर चेक करते रहें और शिकायतों का निस्तारण कराएं। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व अरुण कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी भू व राजस्व समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।