गाजीपुर। विद्यालय में चपरासी की नौकरी दिलाने के नाम पर 1, 55000 रुपये ठगी का मामला प्रकाश में आया है। न्यायालय के आदेश पर शुक्रवार को कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्जकर छानबीन शुरू कर दी है।
पीड़ित कुर्था गांव निवासी मनोहर प्रसाद ने तहरीर देकर पुलिस को बताया कि उसकी ससुराल मऊ जनपद के रामपुर थाना क्षेत्र स्थित मर्यादपुर में है। ससुर के घर पर मरखापुर गांव निवासी रामाधार मिश्रा का आना-जाना है। उसके साथ अन्य लोगों ने बताया कि सुरहूपुर में चपरासी का पद खाली है। तीन लाख देना पड़ेगा और नौकरी मिल जाएगी।
पीड़ित ने बताया कि रामाधार मिश्रा के बताए गए खाते में 26 फरवरी 2023 को 50 हजार, फोन पे के जरिए 50 हजार और नगदी के अलावा नियुक्ति पत्र जारी करने के नाम पर और पैसे की मांग की। इस पर बीते एक जून को फोनपे के जरिए 14 हजार, 16 हजार और बीते दो जून को 20 हजार रुपये दिया।
अंबेडकर नगर स्थित बस स्टैंड के पास बुलाकर ठगों ने फर्जी नियुक्ति पत्र दिया। साथ ही कहा कि विद्यालय आने पर बैक डेट में ज्वाईनिंग करा दी जाएगी। इस दौरान पीड़ित ने पांच हजार रुपये दिया। ठगों ने 145000 रुपये ज्वाइनिंग पर भुगतान करने के लिए कहा। इस पर पीड़ित ने पैसे देने में असमर्थता जताई। कुछ दिन बाद उन्होंने नियुक्ति न होने की बात कहते हुए 20 हजार वापस कर दिए और शेष धन वापस करने की बात कही, लेकिन कुछ दिन पूर्व बुलाकर ठगों द्वारा कहा गया कि नियुक्ति नहीं हो सकती है और पुलिस से शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी। इस संबंध में कोतवाल दीनदयाल पांडेय ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्जकर छानबीन शुरू कर दी गई है।