गाजीपुर। ऑटो चालक को गोली मारने के मामले में सात नामजद और दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। हमलावरों ने पुरानी रंजिश में सुहवल थाना क्षेत्र के डुहियां- सरैयां गांव की चट्टी पर बृहस्पतिवार की रात वारदात को अंजाम दिया था। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने गाजीपुर- जमानिया मार्ग जाम लगा दिया था। एसपी ग्रामीण और जमानिया सीओ ने समझा- बुझाकर आधे घंटे बाद जाम समाप्त कराया। इधर, घायल का उपचार वाराणसी ट्रामा सेंटर में चल रहा है, जहां हालत नाजुक बनी हुई है। वहीं दूसरे दिन भी एहतियात के तौर गांव के बाहर पुलिस टीम तैनात रही।
ग्रामीणों ने बताया कि ऑटो चालक धर्मेंद्र बिंद (22) का कुछ दिनों पहले डुहियां के किसी युवक से विवाद हो गया था। मारपीट भी हुई थी। इससे युवक खार खाए हुए था। बृहस्पतिवार की रात में युवकों ने धर्मेंद्र को सैरयां और डुहियां चट्टी पर देखा तो बदले की भावना से उस पर हमला बोल दिया और मारने- पीटने लगे। ऑटो चालक बचने के लिए भागने लगा। हमलावरों ने हवाई फायरिंग करने के साथ लक्ष्य कर गोली चलानी शुरू दी। सीने और कमर के पास पसली में गोली लगते ही धर्मेंद्र सड़क पर गिर पड़ा। गोली चलने की आवाज सुनकर ग्रामीण घटना स्थल के तरफ दौड़ पड़े। वहीं वारदात को अंजाम देकर हमलावर फरार हो गए। ग्रामीणों ने घायलको मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजवाया। वहां से डॉक्टरों ने वाराणसी ट्राॅमा सेंटर रेफर कर दिया। उधर, घटना के बाद आक्रोशित सरैया गांव के ग्रामीणों ने गाजीपुर- जमानिया मार्ग को जाम कर दिया। जानकारी होते ही ग्रामीण पुलिस अधीक्षक अतुल सोनकर और जमानिया क्षेत्राधिकारी राधाकृष्ण के नेतृत्व में कई चार थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। एसपी ग्रामीण ने सड़क जाम करने वाले ग्रामीणों को समझा बुझाकर और आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई का भरोसा देकर जाम समाप्त कराया। धर्मेंद्र की बहन सविता बिंद ने पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले डुहियां के कुछ युवकों से विवाद हो गया था। बहन ने सात नामजद और दो अज्ञात युवकों के खिलाफ लिखित तहरीर दी। थानाध्यक्ष राजेश त्रिपाठी ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। एहतियात के तौर पर पुलिस तैनात कर दी गई है।
तत्काल पुलिस पहुंचती से पकड़े जाते आरोपी
गाजीपुर। घायल की बहन सविता ने कहा कि सूचना के तुरंत बाद पुलिस मौके पर पहुंच जाती तो आरोपी पकड़े गए होते। घटना स्थल से थाने की दूरी मात्र पांच किलोमीटर है। सूचना के बावजूद पुलिस के आने में समय लग गया। ग्रामीणों ने बताया कि घटना स्थल से पुलिस ने चार खोखा भी बरामद किया है। दूसरे दिन भी आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर है। पुलिस सक्रिय रहती तो शायद इस तरह की घटना नहीं होती।