गाजीपुर। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जमकर नारेबाजी की। साथ ही मुख्यमंत्री को संबोधित पत्रक डीएम को सौंपा। जिलाध्यक्ष चंद्रप्रभा सिंह ने कहा कि 62 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बिना ग्रेच्युटी और पेंशन के सेवा समाप्त कर दिया जा रहा है। ऐसे में वृद्धावस्था के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आर्थिक संकट झेलना पड़ रहा है। महंगाई के हिसाब से बहुत ही कम मानदेय मिलता है। वर्तमान समय में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 4500 रुपये और आंगनबाड़ी सहायिका को 2250 रुपये प्रतिमाह मानदेय के रूप में भुगतान किए जाते हैं। जबकि राज्य सरकार द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को 1500 और सहायिका को 750 रुपये ही दिए जाते हैं। कार्य के मुताबिक मानदेय काफी कम है।
आशा पटेल ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को न्यूनतम मानदेय कम से कम 18 हजार ओर मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को 17500 और सहायिका 6000 रुपये प्रतिमाह भुगतान किया जाए। सेवानिवृत्त होने पर ग्रेच्युटी और पेंशन दिया जाए। कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को दिए गए मोबाइल अधिकांश खराब हो चुके हैं। मोबाइल रिचार्ज वर्ष 2019 के बाद से अभी तक नहीं आया है। आंगनबाड़ृी कार्यकर्ता मानदेय से मोबाइल का रिचार्ज करना पड़ता है। इन समस्याओं का जल्द से जल्द निस्तारण किया जाए। इस मौके पर गीता मिश्रा, सविता गुप्ता, चंपा देवी, अंजू कुशवाहा, आरती देवी, सुशीला देवी, सुमन, देवेंती देवी आदि मौजूद रही।