इसके बाद तीनों भाइयों को पुनः सरजील के घर सैय्यदबाड़ा ले गए। जहां हम तीनों भाइयों से ब्लैंक चेक पर हस्ताक्षर करने को कहा गया तो हम लोगों ने इनकार कर दिया तो सरजील रजा ने गुस्से में आकर अपनी बंदूक दिखाकर कहा कि अब तक इससे 27 लोग मारे हैं और तुम लोग का भी नंबर है। इससे हम लोग डर के मारे ब्लैंक चेक पर हस्ताक्षर कर दिया। पुनः दो अगस्त 2019 को भाई संतोष को सरजील रजा ने घर पर फोन करके बुलाया, लेकिन वह नहीं गए।
शंकु अग्रहरी की तलाश जारी
सरजील रजा ने अपने एक आदमी को भेज कहलवाया कि जंगीपुर वाली जमीन रजिस्ट्री कर दो नहीं तो जिंदा नहीं बचोगे। तब हम तीनों भाई डर कर सीधे कचहरी पहुंच गए। जहां पर विक्रम बाबू अग्रहरी उर्फ विक्की, संजय अग्रहरी और शंकु अग्रहरी मौजूद थे। कुछ ही देर में सजीलरजा उर्फ आतिफ अपने साथियों के साथ पहुंचा और कहा कोई रजिस्ट्री नहीं होगी। तुम तीनों भाई मेरे घर चलो, लेकिन हम लोग नहीं तैयार हुए। विक्रम बाबू अग्रहरी व शंकु अग्रहरी ने कहा कि चलो रजिस्ट्री करो हम लोग तुम्हें बचा लेंगे, नहीं रजिस्ट्री करोगे तो हम लोग भी कुछ नहीं कर पाएंगे।
जान का भय दिखाकर बिना कोई पैसा दिया ही जंगीपुर स्थित मकान व दुकान को शंकु अग्रहरी के नाम से बैनामा करा दिया। केवल पांच बिस्वा जमीन का बैनामा कराकर पूरे जमीन पर बलपूर्वक काबिज हो गए और बाउंड्री भी करा लिया। इस संबंध में कोतवाल दीनदयाल पांडेय ने बताया कि विक्रम बाबू अग्रहरी और संजय अग्रहरी को गिरफ्तार कर चालान कर दिया गया है। आरोपी शंकु अग्रहरी की तलाश की जा रही है।