देवकली पंप कैनाल से तीन दशक पहले निकली रामदासपुर और दलपतपुर राजवाहा किसानों के लिए अभिशाप साबित हो रही है। मानक के अनुरूप नहर नहीं बनने से इसका पानी टेल तक नहीं जा जाता है और हरदासपुर गांव के पास पानी ओवरफ्लो होकर खेतों में भर जाता है। इससे फसल बर्बाद होती है। सड़न पैदा होने से संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बना रहता है।
दलपतपुर राजवाहा बिरनो राजवाहा से निकलकर 24 किलोमीटर लंबी की दूरी तय करते टौंस नदी के पास गडार ड्रेन में मिलनी थी लेकिन अभी तक इस नहर के पानी को टेल तक जाने के लिए विभाग की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गई, जिससे किसानों के सामने समस्या खड़ी हो गई है। सरकारी आंकड़े में इस नहर से लगभग 234 हेक्टेयर खेत की सिंचाई होती है लेकिन इसका लाभ दर्जनों गांव के किसानों को नहीं मिल पाता है। क्षेत्र के किसान इस नहर के पानी से सिंचाई नहीं करते हैं। यह नहर क्षेत्र के बांकी, दलपतपुर, असावर, भठवा, सरेजा, नेवादा, कमसड़ी, हरदासपुर, दुबिहा, खड़हरा, गड़ार, गोविंदपुर, पाहुपुर आदि गांवों से होकर गुजरती है। इन गांवों के पास की नहर की सफाई सही ढंग से नहीं होने से नहर पुरी तरह से बेकार हो गई है और इसका पानी टेल तक नहीं जा पाता है, जिससे क्षेत्र के किसानों के सामने पानी एक ही जगह एकत्र होने की समस्या खड़ी हो जाती है। क्षेत्र के किसानों की फसलों की सिंचाई के लिए इस नहर का निर्माण हुआ था, लेकिन अब यह अभिशाप साबित हो रही है। क्षेत्र के हरदासपुर निवासी बृजेश राय कहते हैं कि किसानों की उपजाऊ जमीन नहर के नाम पर ले ली गई लेकिन पानी तो दूर इस नहर की खुदाई भी ठीक ढंग से नहीं हुई।