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बौद्धों और हिंदुओं में भेद नहीं

Mon, 20 Jun 2016 11:02 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,गाजीपुर
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गाजीपुर में बाद्ध महोत्सव
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महाबोधि विश्व कल्याण समिति देवकली के तत्वावधान में ज्येष्ठ पूर्णिमा पर सोमवार को बौद्ध महोत्सव का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि इंटरनेशनल बुद्धिष्ट फेडरेशन के अध्यक्ष धम्म गुरु लामा लोब्जंग ने कहा कि भारत बुद्ध का देश है। यहां के नागरिकों की पहचान भी ऐसी होनी चाहिए, ताकि दूसरे देश के लोग उसे बुद्ध के देश से पहचानें। बौद्ध और हिंदू में कोई भेद मत रखो। बौद्ध धर्म किसी भी धर्म की आलोचना नहीं करता। बुद्ध को अपनाने का मतलब धर्म परिवर्तन नहीं है।
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 कहा कि बुद्ध भी शाक्य कुल के हैं जो लोग भगवान बुद्ध को विष्णु के रूप में मानते हैं, उन्हें वो उन्हीं रूप में मानें। हम सब के संगठित होने से ही कोई हमारा सम्मान करेगा। भारत की भूमि पवित्र भूमि है। सारनाथ की पवित्र मिट्टी को लोग विदेशों में भी पूजते हैं। थाईलैंड के उच्चायुक्त चलित मानित्य कुल ने कहा कि हमेें फिर से वही भारत बनाना चाहिए, ताकि विदेशी धरती के लोग यहां की संस्कृति और शिक्षा से प्रभावित होकर यहां आएं। धम्म गुरु पीसी चंद्रा ने कहा कि इस स्थल पर बुद्ध विहार बनने से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

धम्म गुरु भंते शिवली महाथेरो ने कहा कि आने वाले समय में यह बौद्ध स्थल धम्म प्रचार का मुख्य केंद्र बनेगा। भारत ही नहीं बल्कि विश्व में इसे पहचान मिलेगी। कहा कि भारत विश्व में संतों, मुनियों और आध्यात्म का देश है। ऐसे में हम दूसरे देशों से बम, न्यूक्लियर आदि वस्तुओं को बनाने के लिए मदद मांगकर उन संतों का अपमान करते हैं। तलवार के बल पर सम्राट बने अशोक को भी अंत में तलवार छोड़नी पड़ी थी।
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प्रदेश के  कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि अच्छा कार्य करने वाले को दुनिया में हमेशा याद किया जाता है। जाति-धर्म पर व्यवस्था नहीं बदलती। दिमागी रूप से मन बड़ा करने की जरूरत है। मन को बदलने की जरूरत है। पीएम नरेंद्र मोदी पर चुटकी लेते हुए कहा कि चुनाव पूर्व देश बदलने आए थे, अब दिन भर  में कई कपड़े बदलते हैं। अच्छा काम करने से लोग याद करते हैं, लच्छेदार भाषणों से नहीं। कार्यक्रम में पूर्व सांसद      जगदीश कुशवाहा, ब्लॉक प्रमुख रमाशंकर कुशवाहा, कमलेश कुशवाहा, राजेंद्र राम, रोशन मौर्य, जगनारायण मौर्य, डा. कृष्णानंद, डा. विनय सिंह, मुरली कुशवाहा, आर्किटेक्ट अनिल मौर्य, कालिका कुशवाहा, करतार सिंह, कामेश्वर   मौर्या, जयनारायण, रामनारायण,   सोहन, अशोक, रामनिवास आदि उपस्थित रहे।

 अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष कृष्णदेव मौर्य और संचालन कवि मिथिलेश गहमरी तथा कुमार प्रवीण ने संयुक्त रूप से किया। इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि धम्म गुरु लामा लोब्जंग ने बुद्ध विहार स्थल का शिलान्यास कर किया। पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने सभी आगंतुकों को भोजन दान कराया। 
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