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ब्राह्मण जाति नहीं सनातन जीवन पद्धति

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प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री दयाशंकर मिश्र दयालू ने कहा कि ब्राह्मण जाति नहीं सनातन जीवन पद्धति है। भगवान परशुराम ने अपने जीवन दर्शन से इस सिद्धांत को प्रतिपादित किया। ब्राह्मणत्व का उद्देश्य सर्वसमाज के कल्याण के साथ सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राजनैतिक उन्नति है। भारत की सनातन संस्कृति की रक्षा के साथ जीवन के मूल सिद्धांतों को स्थापित करने में इसकी महती भूमिका है।
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शहर के लंका मैदान स्थित सभागार में ब्राह्मण जनसेवा मंच की ओर से मंगलवार को आयोजित परशुराम जयंती समारोह में उन्होंने कहा कि परशुराम के जीवन दर्शन का अनुकरण ही समाज एवं देश को उन्नति की राह पर प्रतिस्थापित करेगा। उन्होंने ब्राह्मण समाज की एकता पर बल देते हुए सर्वजन हिताय के लिए कार्य करते हुए अपनी सभ्यता एवं संस्कृति को अक्षुण्ण रखने पर बल दिया। एकता की शक्ति को पहचानने की बात कही। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा कि सनातन संस्कृति, भरतीय चिंतन पद्धति को बढ़ावा देना ब्राह्मणत्व का लक्ष्य और कर्म होना चाहिए। उन्होंने ब्राह्मण समाज की एकता पर बल देते हुए शिक्षा पर जोर दिया। वहीं, ज्योतिषाचार्य दीपक दुबे ने कहा कि शिक्षा ही समाजिक बदलाव का प्रमुख कारक है। जिस पर ध्यान देने की जरूरत है।
अध्यक्षता करते हुए पूर्व मंत्री विजय मिश्र ने नौजवानों का आह्वान किया कि वे ज्ञान एवं शक्ति के माध्यम से समाज की सेवा करें। इससे पहले भगवान परशुराम की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर एवं माल्यार्पण कर समारोह का शुभारंभ किया गया। बच्चों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। राममनोज तिवारी की टीम ने स्वस्तिवाचन एवं शंखनाद किया। इस अवसर पर कर्मचारी नेता अंबिका प्रसाद दुबे, वागीश, मनीष पांडेय, अनिल पांडेय, अमित पांडेय, सीताराम उपाध्याय, रानू मिश्र, विवेकानंद पांडेय, पंकज दुबे, ब्रजभूषण दुबे, पप्पू आदि ने विचार व्यक्त किया। संचालन संतोष एवं भगवती प्रसाद तिवारी ने संयुक्त रूप से तथा अंत में मंच के संयोजक प्रदीप चतुर्वेदी ने अतिथियों के प्रति आभार प्रकट किया।
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हवन, यज्ञ एवं आरती कर नमन किया परशुराम को
गाजीपुर। स्वामी सहजानंद सरस्वती स्मृति न्यास गाजीपुर द्वारा प्रवर्तित ब्रह्मर्षि जागरण मंच के तत्वावधान में शास्त्री नगर मुहल्ले में परशुराम जन्मोत्सव कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसका शुभारंभ हवन, यज्ञ एवं भगवान परशुराम के पूजन आरती से हुआ।
अखिल विश्व के कल्याण, सद्बूद्धि संवर्धन के लिए वेदमाता देवमाता, विश्वमाता गायत्री, महामृत्युंजय एवं परशुराम गायत्री महामंत्रों से आहुतियां दी गई। इस अवसर पर भगवान परशुराम और उनके सिद्धांतों की आज के समय में प्रासंगिकता विषयक गोष्ठी में डॉ. व्यासमुनि राय, डॉ. मांधाता राय, शशिधर राय, ओम नारायण, रमेश राय, जवाहिर राय, दिनेशचंद्र शर्मा, अजय राय, अमित राय, जय नारायण राय, अखिलेश राय, अवधेश राय, केशव राय ने विचार व्यक्त किया। संचालन मारुती कुमार राय एवं रामनाथ ठाकुर ने आभार व्यक्त किया। मुहम्मदाबाद संवाददाता के अनुसार भगवान श्री हरि विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम की जयंती मंगलवार को पावर हाउस रोड स्थित वुडेन पार्क में समारोहपूर्वक मनाई गई। भगवान परशुराम का पूजन-अर्चन करने के बाद उनके चित्र पर पुष्पार्चन कर लोगों ने उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। वरिष्ठ भाजपा नेता विरेंद्र कुमार राय ने कहा कि पुरुषोत्तम श्रीराम प्रभु के जन्म से पहले वैशाख शुक्ल तृतीया (अक्षय तृतीया) के दिन रात्रिकाल के प्रथम प्रहर में हुआ था। वास्तव में वह भगवान शिव के परमभक्त थे और न्याय का देवता भी। इसलिए उनके जीवन संघर्षों से भी बहुत कुछ सीखा जा सकता है। डा. ओमप्रकाश गिरी ने कहा कि वे शस्त्र और शास्त्र दोनों के ज्ञाता थे और अपने जीवन कृत्य से लोगों को अन्याय न सहने की प्रेरणा देते हैं। इस मौके पर सांसद प्रतिनिधि प्रमोद राय, नारायण तिवारी, श्रीकृष्ण दुबे, राहुल तिवारी, अनिल कुमार पांडेय, गोपाल सिंह यादव, विश्वम्भर दुबे, रामजी पांडेय, गंगासागर आदि मौजूद थे।
कासिमाबाद संवाददाता के अनुसार भारतीय ब्राह्मण समिति के तत्वावधान में भगवान परशुराम जन्मोत्सव कार्यक्रम पुरानी बाजार स्थित एक मैरेज हाल में आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि गाजीपुर स्थित पीजी कालेज के अर्थशास्त्र विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डा. श्रीकांत पांडेय ने कहा कि जब तक ब्राह्मण भगवान परशुराम के आदर्शों पर नहीं चलेगा उसका सम्मान नहीं बचेगा। अपना गौरव पाने के लिए ब्राह्मणों को अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक होना पड़ेगा। समाज में मान-सम्मान एवं स्वाभिमान की रक्षा करने के लिए स्वयं आगे आना होगा। इस अवसर पर पीजी कालेज के हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष डा. विनय कुमार दुबे ने अपने पूर्वजों के द्वारा किए गए कार्यों एवं समाज में सम्मान पाने के कारणों पर विस्तृत चर्चा की। पूर्व मंत्री सनातन पांडेय ने ब्राह्मण समाज की एकजुटता पर बल दिया। भगवान परशुराम जयंती पर सार्वजनिक अवकाश की मांग का समर्थन किया। कार्यक्रम में वासुदेव पांडेय, धर्मेंद्र मिश्र, सुरेश उपाध्याय, सतीश उपाध्याय, गौतम मिश्र, अभय नारायण मिश्र, ओमप्रकाश चौबे, सतीश तिवारी, संजय दुबे, तारकेश्वर पांडेय, राजकुमार पांडेय आदि ने विचार व्यक्त किया। अध्यक्षता दिनेश पांडेय एवं संचालन विजयशंकर तिवारी ने किया।
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