जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह और पुलिस अधीक्षक रामबदन सिंह ने शुक्रवार को जिला कारागार का निरीक्षण किया। इस दौरान बैरकों और स्टाक रजिस्टर की जांच की। साथ ही प्रत्येक दिन के भोजन का विवरण रजिस्टर में दर्ज करने का निर्देश दिया। डीएम ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिया कि जेल में किसी भी दशा में मोबाइल का प्रवेश न होने पाए। रोस्टर के मुताबिक अभियान चलाकर बैरकों की जांच की जाए।
कारागार अस्पताल में दोनों अधिकारियों ने भर्ती कैदियों से बीमारियों के बारे में पूछा। अस्पताल में दवा की उपलब्धता, सैनिटाइजेशन, कैदियों की कोरोना जांच के बारे में जानकारी ली। उन्होंने मास्क का प्रयोग करने की सलाह दी। जिला कारागार के हवालात कार्यालय के स्टाक रजिस्टर की जांच की। इसके बाद बारी-बारी से सभी बैरकों का निरीक्षण किया। कारागार में रसोई घर के निरीक्षण के दौरान बनने वाले भोजन के मीनू की जानकारी ली। जिला जिलाधिकारी ने प्रत्येक दिन के मीनू को रजिस्टर में दर्ज करने का निर्देश दिया। पुलिस अधीक्षक ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिया कि जेल के अंदर किसी भी दशा में मोबाइल का प्रवेश न होने पाए। इस के लिए रोस्टर बनाकर चेंकिग अभियान चलाया जाए। इसके अलावा महिला बंदी गृह में दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। इस अवसर पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट पवन कुमार मीणा, एसपी सिटी गोपीनाथ सोनी, सीओ सिटी ओजस्वी चावला एवं जेल अधीक्षक के साथ पुलिस टीम मौजूद रही।