जिला पंचायत सभागार में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में पीएम स्वनिधि योजना की समीक्षा की बैठक की गई। पीएम स्वनिधि योजना की समीक्षा के दौरान पाया गया कि प्रथम-10000 के लिए 5055 आनलाइन आवेदनों के सापेक्ष मात्र 4768 ऋण बैंकों द्वारा स्वीकृत और 4695 ऋण वितरित किए गए हैं।
वहीं 360 आवेदनों पर बैंकों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिलाधिकारी ने सभी बैंकों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि 20 हजार और 10 हजार रुपये के समस्त लंबित आवेदन पत्रों को अगले तीन में वितरित कर दिया जाए।
ऐसे ही द्वितीय ऋण 20 हजार के सापेक्ष 1141 लाभार्थियों ने आनलाइन आवेदन किये। जिसमें से सिर्फ 403 आवेदन पत्रों को स्वीकृत किया गया और 320 लाभार्थियों के खाते में ऋण का भुगतान किया गया है। जिससे यह स्पष्ट होता है कि बैंकों द्वारा इस महत्वकांक्षी योजना के प्रति लापरवाही बरती जा रही है जो सही नहीं है।
साथ ही प्रबंधक अग्रणी बैंक गाजीपुर को बैंको द्वारा ऋण के लिए स्वीकृत एवं लंबित आवेदनों को 29 जून तक वितरित कराये जाने के लिए संबंधित शाखा प्रबंधकों को भी निर्देशित करने के निर्देश दिये गये । समीक्षा में यह भी पाया गया कि पिछली बैठक में प्रदत्त निर्देशों का पालन किसी भी बैंक द्वारा नहीं किया गया है ।
6 जून और 17 जून के बैठकों के प्रगति की तुलना करने पर यह पाया गया कि पिछली बैठक एवं इस बैठक के मध्य बैंको द्वारा मात्र 98 ऋण स्वीकृत किये गये है और 188 ऋण ही वितरित किये गये है। उसी प्रकार द्वितीय ऋण 20,000 रुपये के तहत मात्र ऋण के 30 आवेदन पत्र स्वीकृत किये गये है और 42 लाभार्थियों को ही ऋण वितरित किया गया है।