शहर के महुआबाग में एक एटीएम पर लगी लोगों की लाइन।
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शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित बैंकों में भी 500 और 1000 के नोटों पर प्रतिबंध के बाद नए नोट न मिलने से लोगों में रोष्ा है। आलम यह है कि एक तरफ जहां अपना ही पैसा जमा करने के लिए बैंको में लोगों को जद्दोजहद करनी पड़ रही है, वहीं खराब एटीएम की वजह से ग्राहकों को मायूसी हो रही है।
जमानिया संवाददाता के अनुसार क्षेत्र में 500 एवं हजार के नोटों को जमा करने वालो की बैंक में लम्बी कतार लगी रही। सबसे ज्यादा भीड़ स्टेट बैंक में रही। धक्का-मुक्की के बीच लोगों को पैसा जमा और निकाला पड़ा। लोगों का आरोप है कि ग्रामीण बैंक यूनियन आदि बैंकों में तीन बजे से ही लेन-देन का काम बंद कर दिया जा रहा है, जिससे ग्राहकों को निराशा हो रही है। स्टेट बैंक के मैनेजर शिवसेवक उपाध्याय ने कहा कि बैंक ग्राहकों के लिए पूरी ईमानदारी से कार्य कर रहा है और बैंक के पास पैसे की कोई कमी नही है।
जल्द ही नय नोट भी उपलब्ध हो जाएंगे। वर्तमान समय में अन्य बैंको एवं एटीएम को चालू न करने से कुछ परेशानी बढ़ी है। पुलिस विभाग द्वारा बैंक का पूरा सहयोग किया जा रहा है। कर्मचारी देर रात करीब 8 बजे तक कार्य कर रहे हैं। भदौरा संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के स्थानीय यूनियन बैंक मैं अपनी 500 और 1000 के नोट बदलने के लिए लोगों की भीड़ शनिवार को भीउमड़ी।
बैंक खुलने से पहले ही लाइन में लगे लोग अपनी बारी का इंतजार करने लगे। बैंक कर्मियों द्वारा महिलाओं के लिए अलग लाइन की व्यवस्था की गई थी।
बैंक में करीब 200 से 300 लोग लोग अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। आगे-पीछे होने को लेकर कतार में खड़े लोगो में नोक-झोंक और हाथापाई भी होती रही। नया नोट न आने से लोगों को निराशा हुई। एटीएम का काम न करना भी लोगों को काफी खला।
शाखा प्रबंधक अभिषेक कुमार ने बताया कि नए नोटों के आने के संबंध में बताया कि अभी तक मुख्य शाखा से नए नोटों की खेप नहीं आई है। एक-दो दिन में लोगों को नया नोट देखने को मिल सकता है