प्रधान रहने के दौरान ही वह मुख्तार अंसारी के संपर्क में आय़ा था। नन्हे खां प्रधान के खिलाफ बलिया के चितबड़ागांव थाने और करीमुद्दीनपुर मे आधा दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। कुछ महीने पहले एडीजे कानून के निर्देश पर बलिया जिले के चितबड़ागांव और करीमुद्दीनपुर की पुलिस नन्हें खां के घर दबिश देने गयी थी लेकिन आरोपी फरार हो गया था।
तब चितबड़ागांव पुलिस उसके एक रिश्तेदार को अपनी गाड़ी मे बैठा कर ले जाने लगी थी। जिस पर प्रधान के समर्थकों ने पुलिस टीम पर हमला बोल दिया था। घटना के बाद पुलिस प्रशासन सख्त हुई और उके द्वारा मगई नदी में निजी खर्चा से कराये जा रहे अवैध पुल निर्माण को ढहा दिया गया था। काफी दिनों से वह फरार चल रहा था। नन्हे खां पर 25 हजार रुपये का इनाम रखा गया था।