चिकित्सक बताते हैं कि उसका वजन, दूध पीने की मात्रा और शौच की स्थिति उसके स्वस्थ होने के लक्षण हैं। गंगा की देखरेख के लिए 10 नर्स हैं। नर्सों ने बताया कि आइसीयू में तीन लावारिस नवजात हैं, सभी 28 दिन से कम के हैं। गंगा को आईसीयू में भर्ती करने वाले शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. के के सिंह ने बताया कि 14 जून को अस्पताल आई गंगा का उन्होंने ने ही सारे टेस्ट करवाए।
सारी रिपोर्ट ठीक है। जब अस्पताल में आई थी तो उसका नाड़ गिरा हुआ था। इससे यही प्रतीत होता है कि वह दो हफ्ते से ज्यादा की है। बच्ची के साथ मिली चिट्ठी का जिक्र करते हुए कहा कि उसमें बच्ची के पैदा होने की तारीख 25 मई लिखा है जो सही लगता है लेकिन जन्मपत्री पर शंका है।
बता दें कि बीते सोमवार को गाजीपुर शहर के ददरीघाट के पास गंगा नदी में लकड़ी के बक्से में नवजात बच्ची मिली थी। गुल्लू मल्लाह ने गंगा में तैरता बक्सा निकाला तो उसमें चुनरी में लिपटी एक बच्ची मिली। बक्से के अंदर रोती हुई नवजात बच्ची मिली और वो बिल्कुल सुरक्षित थी।
बच्ची के साथ बक्से में देवी-देवताओं की फोटो और कुंडली थी। गुल्लू ने बच्ची को सीने से लगाया और अपने घर ले गए। हालांकि सूचना मिलने पर पुलिस ने बच्ची को अपने संरक्षण में ले लिया। फिलहाल चाइल्ड लाइन ने बच्ची को जिला महिला चिकित्सालय स्थित एसएनसीयू में भर्ती कराया है। उसी दिन ये घोषणा हुई कि नवजात बच्ची की देखभाल योगी सरकार करेगी।