नंदगंज। शम्मे गौसिया माइनारिटी पीजी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज सहेड़ी में शनिवार की देर शाम ट्रांजिशनल करिकुलम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. गिरीश चन्द्र त्रिपाठी ने सर्वप्रथम मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
उसके बाद आयुवेर्दिक मेडिकल कालेज के प्रचार्य डा. सुभाष चंद्र चतुर्वेदी ने स्वागत भाषण तथा यूनानी मेडिकल कालेज के प्रचार्य डा. गजनफर इमाम ने ट्रांजिशनल करिकुलम के सन्दर्भ में अपना विचार रखा। इस मौके पर मुख्य अतिथि प्रो गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि संस्था हो, परिवार हो, समाज हो, चाहे देश हो उनमें एक रिस्ता बड़ा ही स्थाई और लगातार चलने वाला होता है और वो आगे तभी बढ़ता है। जहां पर लेने वाला कम, और देने वाला ज्यादा हो। डा. आजम कादरी ने अपनी जन्म भूमि स्थान पर एक कर्मभूमि के रूप में हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज की स्थापना कर इस क्षेत्र में शिक्षा चिकित्सा को बढ़ावा देने में अपना एक मजबूत योगदान दिया है। आयुर्वेद सबसे प्राचीन चिकित्सा पद्धति है। और इस चिकित्सा पद्धति का विकास होना बहुत जरूरी है। शिक्षा और चिकित्सा के बिना समाज और देश को आगे नही बढ़ाया जा सकता। कार्यक्रम के अंत मे मेडिकल कॉलेज से एमडी एमएस करने वाले छात्र- छात्राओं को सर्वोच्च अंक प्राप्त करने पर पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर द्वारा सवर्ण पदक से सम्मानित किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि प्रो गिरीश चन्द्र त्रिपाठी ने एमडी एमएस छात्र छात्राओं, डा. दुर्गेश कुमार, डा. विजय कुमार मिश्रा, डा. नादिया सिद्दीकी, डा. बंदना सिंह, डा.अमित कुमार को स्वर्ण पदक व उपाधि देकर सम्मानित किया। अंत मे कालेज के शिक्षा निदेशक नय्यर रिजवी ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस मौके पर संस्था के निदेशक डा. शादाब सिद्दीकी, साकिब सिद्दीकी, डा.साजिद कादरी, अलाउद्दीन सिद्दीकी, इंद्रजीत प्रसाद, रमाशंकर यादव, श्रीप्रकाश राय मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता निदेशक डा. मोहसिन सिद्दीकी तथा संचालन रविन्द्र श्रीवास्तव ने किया।