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Ghazipur News: शिक्षा माफिया राजेंद्र कुशवाहा पर एक और बड़ी कार्रवाई, दो करोड़ 65 लाख की संपत्ति कुर्क

Thu, 30 Jun 2022 07:05 PM IST
उत्पल कांत संवाद न्यूज एजेंसी, गाजीपुर

सार

गाजीपुर में शिक्षा माफिया राजेंद्र कुशवाहा और नकल गिरोह पर प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। गुरुवार को राजेंद्र कुशवाहा की करोड़ों की भूमि को गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क कर लिया गया। 
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शिक्षा माफिया की संपत्ति कुर्क (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रदेश में भू-माफिया और शिक्षा माफिया के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत गुरुवार को गाजीपुर के आदर्श बाजार स्थित शिक्षा माफिया राजेंद्र कुशवाहा की दो करोड़ 65 लाख रुपये की संपत्ति को कुर्क कर लिया गया। गैंगस्टर एक्ट के तहत यह कार्रवाई हुई। उसके खिलाफ वर्ष 2016 में सामूहिक नकल कराने के मामले में गैंगेस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज हुआ था।  

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इस शिक्षा माफिया के खिलाफ पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है। अब तक नकल माफिया गिरोह की 30 करोड़ 46 लाख रुपये की चल और अचल संपत्ति कुर्क की जा चुकी है। छावनी लाइन निवासी शिक्षा माफिया राजेंद्र कुशवाहा के खिलाफ पुलिस आख्या के आधार पर डीएम ने गैंगस्टर एक्ट की धारा 14 (1) के तहत कुर्की का आदेश जारी किया था।

गुरुवार शाम चार बजे सदर एसडीएम प्रतिभा मिश्रा, सीओ सिटी गौरव कुमार के नेतृत्व में राजस्व टीम आदर्श बाजार पहुंची। इसके बाद राजस्व विभाग की टीम ने शिक्षा माफिया के आईटीआई कॉलेज की भूमि को डुगडुगी पिटवाकर कुर्की कराई। भूमि की अनुमानित मूल्य लगभग दो करोड़ 65 लाख रुपये है जिसकी रजिस्ट्री राजेंद्र कुशवाहा के नाम पर थी।

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कोतवाल विमलेश मौर्या ने बताया डीएम के निर्देश पर कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई को मिलाकर नकल माफिया पारस कुशवाहा गिरोह की अब तक लगभग 30 करोड़ 46 लाख रुपये की चल-अचल संपत्ति को गैंगस्टर एक्ट की धारा 14 (1) के तहत कुर्क किया जा चुका है। इसके तहत गैंग लीडर पारस कुशवाहा की 12 करोड़ 31 लाख, राजेंद्र कुशवाहा की 12 करोड़ 22 लाख और महेंद्र कुशवाहा की पांच करोड़ 94 लाख की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है।  बीते 13 मई को जिला प्रशासन की टीम ने आदर्श बाजार स्थित आईटीआई कॉलेज की इमारत को कुर्क किया था। 

वर्ष 2016 में मनचाहे परिणाम दिलाने वाले रैकेट का हुआ था खुलासा

परीक्षा में नकल की सुविधा मुहैया कराकर मनचाहे परिणाम दिलाने का ठेका लेने वाले रैकेट के काले कारनामे का खुलासा वर्ष 2016 में उस समय हुआ था, जब पॉलीटेक्निक की संयुक्त प्रवेश परीक्षा में राजेंद्र कुशवाहा के भाई पारस कुशवाहा के विद्यालय के एक ही कमरे के 12 छात्रों ने प्रदेश में टॉप किया था। जांच के बाद सारा माजरा जब सामने आया तो 28 छात्रों की प्रवेश परीक्षा निरस्त कर दी गई थी।

 
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इस मामले में पारस कुशवाहा सहित अन्य जेल भी भेजे गए थे। उनके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई भी हुई थी। यही नहीं बुद्धम शरणम इंटर कॉलेज में हुई टीईटी परीक्षा में सामूहिक नकल पकड़ी गई थी। यह कार्रवाई एसटीएफ की वाराणसी यूनिट ने की थी। इस दौरान भी पारस कुशवाहा को जेल जाना पड़ा था। बीते वर्ष अगस्त माह में जिला प्रशासन के आदेश पर राजेंद्र कुशवाहा के भाई पारस कुशवाहा के प्रबंधन वाले शिक्षण संस्थान बुद्धम शरणम इंटर कॉलेज, ग्लोरियस पब्लिक स्कूल आदर्श गांव छावनी लाइन के अलावा फतेहउल्लाहपुर स्थित डिग्री कॉलेज की बिल्डिंग, दस भूखंड और छह बाइक, चार लग्जरी वाहन कुर्क किए गए थे।
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