जिले में 102 नंबर एंबुलेंस के चालक की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। बुधवार को दिनेश यादव नाम का युवक नियुक्ति पत्र लेकर सीएमओ कार्यालय में कार्य भार ग्रहण करने पहुंचा तो इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। सीएमओ डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह ने जालसाज के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश एंबुलेंस प्रभारी को दिया है।
मुहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के मुर्की कला निवासी दिनेश यादव बुधवार की सुबह सीएमओ कार्यालय में 102 नंबर एंबुलेंस के चालक का नियुक्ति पत्र लेकर पहुंचा। सीएमओ ने खुद के फर्जी दस्तखत से जारी नियुक्ति पत्र देख उसे बैठा लिया।
पूछताछ में उसने बताया कि भांवरकोल क्षेत्र के अवथहीं गांव के एक व्यक्ति ने एंबुलेंस के चालक की नौकरी दिलाने के लिए उससे 28 हजार रुपये लिए थे और उसी ने नियुक्ति पत्र भी दिया और कहा कि उसकी नियुक्ति कासिमाबाद स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध 102 नंबर की एंबुलेंस के चालक पद पर हुई है। वह उसे दो-तीन दिनों तक अपने साथ सीएचसी ले भी गया था। पांच दिन पूर्व दिनेश ने फोन पर उस व्यक्ति से बात की तो उसने बताया कि कार्यभार ग्रहण करने में अभी चार-पांच दिन लगेंगे।
पांच दिन बीतने पर दिनेश कार्यभार ग्रहण करने सीधे सीएमओ कार्यालय आ गया था। सीएमओ ने मामले की जांच अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरके सिन्हा को सौंपी है। उन्होंने जिला एंबुलेंस प्रभारी रवि कुमार सिंह को जालसाज के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया है। कहा कि इस मामले में कार्रवाई के लिए वे एसपी को भी पत्र लिखेंगे।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी नियुक्ति पत्र पर सीएमओ की जगह एचआर का दस्तखत होता है, जबकि फर्जी नियुक्ति पत्र पर सीएमओ का फर्जी दस्तखत किया गया है।
- रवि कुमार सिंह, एंबुलेंस प्रभारी।