बाढ़ आपदा और बचाव को लेकर राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के वरिष्ठ सलाहकार बिग्रेडियर प्रमोद कुमार सिंह की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को अंतरविभागीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस दौरान अगले महीने होने वाले मॉक एक्सरसाइज को लेकर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने संभावित बाढ़ से बचाव को लेकर की जाने वाली तैयारियों को लेकर पीपीटी प्रस्तुतिकरण किया गया।
बैठक में बिग्रेडियर प्रमोद कुमार सिंह ने विभागीय अधिकारियों को आपदाओं के दौरान होने वाले नुकसान को कम से कम करने के बारे में तमाम बारीकियां बताईं तथा अधिकारियों को शासन से उनके निर्धारित दायित्वों के बारे में विस्तार से चर्चा किया। उन्होंने स्वास्थ्य, पुलिस, फायर, बाढ़ खंड, पंचायतीराज, कृषि, वन विभाग, नगर निकायों, लोक निर्माण विभाग, परिवहन, पशु पालन, शिक्षा, जल निगम, विद्युत तथा राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने विभागों के दायित्वों के क्रम में बाढ़ से पूर्व तैयारियां कर लें ।
उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में प्रदेश में वज्रपात से 1100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। वज्रपात से होने वाली घटनाओं में हम कमी ला सकते हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपील किया कि वे सब स्वयं अपने मोबाइल में दामिनी एप को डाउनलोड करें जो वज्रपात की सटीक सूचना उपलब्ध कराता है। इसलिए साथ ही इस एप का व्यापक प्रचार-प्रसार भी कराएं। बैठक में उन्होंने बताया कि शासन के निर्देशन में आगामी जुलाई माह में बाढ़ से बचाव के लिए प्रदेश स्तरीय मॉक ड्रिल कराई जाएगी। वहीं, अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व ने निर्देशित किया कि कार्य योजना में दिये गए मोबाइल नंबर को वेरिफाई कर अपडेट करें। बैठक में आपदा विशेषज्ञ अशोक राय द्वारा विगत पांच वर्षो में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण गाजीपुर के तहत किए गए कार्यों की प्रस्तुति पीपीटी के माध्यम से किया गया। उन्होंने बताया कि डाटा कलेक्शन से एक्शन तक का कार्य डीडीएमए में त्वरित स्तर पर किया जाता है।