मऊ विधायक मुख्तार अंसारी व उनके परिवारवालों पर शासन व प्रशासन का शिकंजा कसता जा रहा है। मुख्तार के एक और गाजीपुर के करीबी प्रॉपर्टी डीलर गणेशदत्त मिश्र की छह मंजिला बिल्डिंग को गिराने का आदेश देर रात डीएम एमपी सिंह ने दिया है। डीएम की अगुवाई में आठ सदस्यीय अधिकारियों के बोर्ड ने देर रात एसडीएम कोर्ट के फैसले को सुरक्षित रखते हुए बिल्डिंग के ध्वस्तीकरण पर मुहर लगा दी।
शहर के रजदेपुर देहाती स्थित श्रीराम कॉलोनी में गणेशदत्त मिश्र ने अपने पिता के नाम से एक बहुमंजिली इमारत का निर्माण करवाया है। मकान के निर्माण में मास्टर प्लान के नियमों का पालन नहीं किया गया है।
देखा जाए तो पिछले कुछ महीनों से शासन-प्रशासन द्वारा मुख्तार अंसारी एवं उनसे जुड़े लोगों पर लगातार कार्रवाई चल रही है।
शनिवार को देर रात मुख्तार के करीबी प्रॉपर्टी डीलर की बिल्डिंग गिराने के आदेश को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। मुख्तार अंसारी और उनके लोगों में इस बात की चर्चा होने लगी है कि जिला प्रशासन रविवार को ही कार्रवाई करेगा।
इस प्रकरण में राहत के लिए गणेशदत्त मिश्र हाईकोर्ट गए थे, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली। करीब एक माह पहले एसडीएम कोर्ट ने उनकी बिल्डिंग को गिराने का आदेश दिया था। डीएम के आदेश के बाद राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गई है। क्योंकि गणेशदत्त मिश्र कुछ ही दिन पहले एक राजनीतिक दल में शामिल हुए हैं।