नंदगंज। दो बिस्वा पैतृक मकान के लिए किसान अवधेश यादव की जान चली गई। जिस तरह वारदात को अंजाम दिया गया, इससे साफ हो गया है कि पूर्व में ही इसका तानाबाना बुना जा चुका था।
ग्रामीणों ने बताया कि अवधेश यादव के पिता राम अवतार पांच भाई थे। इसमें सबसे बड़े शोभनाथ यादव इनके बाद केदार, राम अवतार, पारस एवं चंद्रसेन हैं। इसमें अवधेश यादव के पिता राम अवतार और छोटे चाचा चंद्रसेन का पूर्व में निधन हो चुका है। अवेधश यादव और बड़े पिता शोभनाथ यादव से दो बिस्वा में बने पैतृक मकान को लेकर विवाद चला आ रहा था। वह और उनके पुत्र पैतृक मकान छोड़कर दूसरे जगह जमीन लेने का दवाब अवधेश पर बना रहे थे, लेकिन वह इंकार कर दे रहे थे। इसी बात को लेकर रंजिश बनी हुई थी। करीब छह माह पूर्व हत्यारोपी बृजेश यादव अपनी स्कार्पियों गाड़ी से धक्का मारकर अवधेश यादव के मकान के आगे लगा खूंटा तोड़ चुका था। इसे लेकर कहासुनी भी हुई थी। किसी तरह मामला शांत हुआ था। ऐसे में आरोपियों द्वारा हत्या की साजिश पहले बनाई जा चुकी थी। बुधवार को इसी योजना के तहत अवधेश यादव के सीने और कंधे में गोली गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद से पत्नी रेनू यादव, पुत्र अभिषेक उर्फ गोलू, पुत्री पूजा और खुशी के बिलखने से पूरे गांव में मातम छा गया है।
कई बार थाने में लगा चुका था गुहार
नंदगंज। मृतक के पुत्र ने बताया कि लगभग 10 वर्षों से जमीन और मकान के बंटवारे को लेकर विवाद चला आ रहा है। इसको लेकर कई बार थाने में गुहार लगाई थी। ग्रामीणों ने बताया कि अगर पुलिस ने शिकायत पर पहले ही ध्यान दे दिया होता तो शायद ऐसी घटना नहीं होती।
...और मृतक के दूसरे फेफड़े में मिली गोली
गाजीपुर। नंदगंज थाना क्षेत्र के दवोपुर गांव निवासी किसान अवधेश यादव को हमलावरों ने दो गाली मारी थी। एक गोली उनके हथेली के पास से पार कर गई थी और दूसरी गोली उनके सीने में लगी थी। पोस्टमार्टम के दौरान चिकित्सक एवं कर्मचारियों को गोली खोजने में काफी देर लगी। गोली पहले फेफड़े को चीरती हुई दूसरे फेफड़े में जाकर फंस गई थी। आधे घंटे तक चिकित्सक गोली ढूंढते रहे। चिकित्सक शव का एक्स-रे करने की तैयारी तक कर चुके थे, इसी बीच गोली मिल गई।