औड़िहार। कोतवाली क्षेत्र सैदपुर के खोजनपुर ग्राम का छोटा सा पुरवा बलुआ शुक्रवार को जश्न में डूबा नजर आया। गांव की यादव बस्ती में इस दिन दोपहर में दादा और पोते के मिलन का नयनाभिराम दृश्य देखकर न केवल परिजनों की आंखें भर आईं, बल्कि वहां खोजनपुर के अलावा अगल-बगल के कई गांवों के आए नागरिकों के मन में भी पारिवारिक रिश्ते का दर्द छलक आया। मौका था मारीशस के प्रधानमंत्री परविंद जुग्नात के 80 वर्षीय समधी रामभजन यादव अपनी बेटी, दामाद और पोती के साथ अपने पैतृक गांव खोजनपुर आये थे।
लगभग 150 वर्ष बाद अपने पुरखों की धरती का दीदार कर बूढ़े रामभजन कुछ देर के लिए भावुक नजर आये। उन्होंने अपने पुरखों की माटी को माथे लगाया। फिर कतार में खड़े एक-एक व्यक्ति से गले मिल कर उनका परिचय प्राप्त किया। उनकी अगुवाई में पूरे गांव के लोगों ने पलक पांवड़े बिछा कर उनका स्वागत किया। सैकड़ों वर्ष र्पू्व की याद ताजा करने के लिए रामभजन अपने साथ अपने पिता और दादा की फोटो लाए थे। रामभजन के रिश्ते में लगने वाले पोते रामवृक्ष को उन्होंने बहुत देर तक सीने से लगाए रखा। अपने दो घंटे के गांव में प्रवास के दौरान उन्होंने यहां परिवार के साथ जलपान किया। महिलाओं, बालिकाओं का हाल-चाल लेते हुए उन्हें शिक्षित बनने की सलाह दी। आगापुर चलने के आग्रह पर वह कुछ देर वहां भी प्रवास करने के बाद मारीशस के लिए प्रस्थान कर गए। रामभजन के साथ आने वाले अन्य लोगों में नेपाल की विधायक जिले के धरम्मरपुर कटरिया की मूल निवासी रीना यादव, दिल्ली प्रदेश सरकार में मंत्री रह चुके रामनगीना यादव एवं अखिल भारतीय यादव महासभा के अध्यक्ष जितेंद्र यादव का नाम शामिल है।