पशुपालन विभाग की ओर से एक से 17 जनवरी तक चलाए गए अभियान में कुल 478 छुट्टा पशु पकड़े गए। इनमें 258 पशुओं को विभिन्न गो आश्रय स्थलों में और 220 पशुओं को सहभागिता के तहत लाभार्थियों के सुपुर्द किया गया है।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसके रावत ने बताया कि मुख्य सचिव और जिलाधिकारी के निर्देश पर पूरे जिले में घूम रहे छुट्टा पशुओं को पकड़ने के लिए अभियान चलाया गया था। खेतों में किसानों की फसलों और सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं से लोगों को बचाया जा सके। उन्होंने बताया कि जिले में कुल दो स्थायी और 24 अस्थायी गो आश्रय स्थलों में कुल 2486 गोवंश संरक्षित हैं। सारे गो आश्रय स्थलों में गोवंशों को ठंड से बचाव के लिए शेड के चारों ओर पॉलीथिन की मोटी शीट और तिरपाल लगाए गए हैं। साथ ही रात में अलाव जलाने के भी निर्देश दिए गए हैं। बताया कि अब जहां पर निराश्रित गोवंशों की सूचना मिलेगी। वहीं पर उसी गांव में अस्थायी गो आश्रय बनाकर गोवंशों को संरक्षित किया जाएगा।