जिला न्यायालय के दसकक्षीय सभागार में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में बोलते प्रशासनिक न्यायमूर्त
गाजीपुर। जनपद न्यायालय के दसकक्षीय सभागार में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ प्रशासनिक न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी एवं न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय ने किया। राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन बाह्य न्यायालय सैदपुर, मुहम्मदाबाद, ग्राम न्यायालय जखनिया और जमानिया में भी हुआ। जिले में 1.24 लाख से ज्यादा मामले निस्तारित किए गए। बैंकों ने 4.38 करोड़ से ज्यादा के मामले निस्तारित किए। वहीं परिवार न्यायालय में छह विवाहित जोड़ों की सुलह कराकर विदाई कराई गई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव नीरज गोंड़ ने बताया गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 0 लाख 24 हजार 587 मामले निस्तारित किए गये। बैंक द्वारा कुल 04 करोड़ 38 लाख 55 हजार 223 रुपये के एनपीए मामले निस्तारित किए गए। परिवार न्यायालय में छह विवाहित जोड़ों की सुलह कराकर विदाई कराई गई। लोक अदालत में अपर जिला जज कोर्ट संख्या- एक में 10 वर्ष से लंबित सिविल अपील को भी निस्तारित किया गया। न्यायामूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने कहा कि आज का पर्व है न्याय का पर्व है। एक ऐसा पर्व है जो देश की प्राचीन सभ्यता रही है। उसी परंपरा को एक न्यायिक चेहरा देने के लिए एक अधिनियम की स्थापना हुई। जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय ने कहा गया कि लोक अदालत से जहां एक ओर समय की बचत होती है, वहीं लंबे समय से लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण का यह एक अत्यन्त महत्वपूर्ण साधन है।
राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी अपर जिला जज शक्ति सिंह ने कहा कि सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाने में लोक अदालत द्वारा सक्रिय भूमिका निभाई जा रही है। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने कहा गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत न्यायपालिका, प्रशासन एवं पुलिस के समन्वय से मामलों के निस्तारण का जीवंत उदाहरण है। पुलिस अधीक्षक डा. ईरज राजा ने कहा गया कि जनपद की पुलिस द्वारा लोक अदालत की सफलता के लिए शत प्रतिशत नोटिसों का तामिला कराया गया है। इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय शैलोज चंद्रा, पीओ एमएसीटी संजय हरिशुक्ला, अपर जिला जज अली रजा, अभिमन्यू सिंह, रामअवतार प्रसाद, संजय कुमार लाल, विजय कुमार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नूतन द्विवेदी सहित न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता और कर्मचारी मौजूद थे।