गाजीपुर। सीबीआई ने स्वास्थ्य विभाग के सीएमओ कार्यालय में तैनात लिपिक को तलब करते हुए 13 नवंबर को उपस्थित होने का निर्देश दिया है। इसकी जानकारी होते ही स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़कंप मचा गया हुआ है।
वर्ष 2005 से 2012 तक विभाग की ओर से हुई दवाओं की खरीद-फरोख्त संबंधित रिपोर्ट अथवा कागजात भी लाने का निर्देश दिया है। विभागीय सूत्रों की मानी जाए तो इन सात वर्षों में हुई दवा की खरीद फरोख्त के मामले में करोड़ों रुपये के गोलमाल का मामला दो वर्ष पहले प्रकाश में आया था। मामला प्रकाश में आने के बाद इसी पूरी अनियमितता की जांच सीबीआई की तरफ से की जा रही है। इस मामले में सीबीआई दवा कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच कर रही है। सीबीआई विभाग में सेवानिवृत्त और वर्तमान समय में पद पर तैनात कर्मचारियों से भी कई बार पूछताछ कर चुकी है। सीबीआई ने वर्तमान समय में कार्यरत एक लिपिक को बीते 25 अक्तूबर को पत्र भेजकर 13 नवंबर को उपस्थित होने का निर्देश दिया है। इस पत्र के मिलने के बाद विभागीय कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है। इस संबंध में सीएमओ डॉ. जीसी मौर्या ने बताया कि किसी मामले में लिपिक को सीबीआई ने तलब किया है। इससे संबंधित पत्र कर्मचारी को मिल गया है।