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अंसारी बंधुओं ने एक बार फिर साबित किया अपना दबदबा

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नगरपालिका परिषद मुहम्मदाबाद के चुनाव में भाजपा एवं बसपा के दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी। लंबे समय से मुहम्मदाबाद नगरपालिका पर अंसारी बंधुओं का कब्जा रहा है। केंद्र एवं प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद हुए निकाय चुनाव में अंसारी बंधुओं का गढ़ तोड़ने के लिए भाजपा के बडे़ नेताओं ने जमकर पसीना बहाया, लेकिन इसके बाद भी वह अंसारी बंधुओं का दबदबा तोड़ने में सफल नहीं हो पाए।
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केंद्र एवं प्रदेश में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी मुहम्मदाबाद नगरपालिका परिषद पर कब्जा जमाने के लिए काफी पहले से तैयारी कर रही थी। बसपा ने दो बार चेयरमैन रह चुके शमीम अहमद को अपना प्रत्याशी बनाया तो भाजपा ने अपने युवा तेज तर्रार नेता दिनेश वर्मा को अंतिम समय में टिकट देकर अंसारी बंधुओं के गढ़ में कब्जा जमाने का प्रयास किया। वहीं सपा ने पिछली बार प्रत्याशी रहे रईस अहमद को पुन: मैदान में उतारकर लड़ाई को त्रिकोणीय बनाने का प्रयास किया। यहां के चुनाव में बसपा एवं भाजपा के बडे़ नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी। भाजपा प्रत्याशी दिनेश वर्मा के पक्ष में संचार-रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने दो सभाएं की। बलिया के सांसद भरत सिंह ने भी सभा की। क्षेत्रीय विधायक अलका राय ने मुहल्ले-मुहल्ले में जाकर दिनेश वर्मा के लिए वोट मांगा। इसके अलावा प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री नीलकंठ तिवारी के अलावा भाजपा के संगठन से जुडे पदाधिकारियों ने भी जनसंपर्क एवं सभा कर पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में चुनाव प्रचार किया।
बसपा प्रत्याशी के पक्ष में पूर्व सांसद अफजाल अंसारी ने कई सभाएं की। इसके अलावा पूर्व विधायक सिबगतुल्ला अंसारी एवं उनके पुत्र मन्नू अंसारी ने मुहल्ले-मुहल्ले लोगों से वोट मांगा। बसपा प्रत्याशी शमीम अहमद ने पिछले चुनावों की अपेक्षा इस चुनाव में रिकार्ड मतों से जीत दर्ज कर यह साबित कर दिया कि मुहम्मदाबाद की राजनीति में अंसारी बंधुओं की जडे़ं काफी गहरी हैं जिन्हें डिगाना आसान नहीं है।
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