गाजीपुर। पंचायत भवनों को सचिवालय के तौर पर विकसित कर सेवा के साथ कमाई का केंद्र बनाने की कवायद चल रही है। इसके लिए पंचायत भवनों को कंप्यूटर, इंटरनेट से लैस करने के साथ पंचायत सहायकों को तैनात किया गया। जिला प्रशासन ने पहले चरण में हरेक ब्लॉक से 10-10 गांवों के पंचायत भवनों को लिया है। जहां ऑनलाइन सेवाओं को मुहैया कराने के लिए 10 से 20 रुपये का शुल्क वसूला जाएगा। वहां तैनात पंचायत सहायक केंद्र और राज्य की तमाम योजनाओं के साथ ग्रामीणों को खसरा, खतौनी समेत अन्य सुविधाओं को ऑनलाइन मुहैया कराएगा।
जनपद के सभी 16 ब्लॉकों के 149 पंचायत सहायकों को इसके लिए ट्रेनिंग दिया गया है। यह ट्रेनिंग मई महीने में हुई। जिस दौरान विभिन्न अधिकारियों और कर्मचारियों ने पंचायत सहायकों को योजनाओं के बारे में जानकारी देने के साथ ही ऑनलाइन फार्म भरने के बारे में बताया गया, ताकि पंचायत भवनों को ग्राम सचिवालय के तौर पर काम करने के साथ कमाई का जरिया भी बनाया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए हर गांव में फ्लैक्स लगाए जाएंगे। जो गांव में कई जगहों पर लगा होगा। जिस पर विभिन्न ऑनलाइन कार्यों के लिए 10 से 20 रुपये तक का शुल्क निर्धारित होगा। ग्राम पंचायत को ही अपने ग्राम सभा में शुल्क का निर्धारण करना होगा।
ग्राम सचिवालयों से ऑनलाइन भुगतान
शासन का निर्देश है कि एक जून से पंचायत भवनों को ग्राम सचिवालय के तौर पर काम शुरू करना है। जहां योजनाओं के लिए ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था शुरू होना है। साथ ही साइबर कैफे या अन्य स्थानों से कोई भुगतान संबंधी कार्य नहीं कराना है। शासन स्तर से भुगतान से संबंधित आइपी एड्रेस के जांच करने का निर्देश है। पंचायत भवन से बाहर के भुगतान का आइपी एड्रेस मिलने पर कार्रवाई का निर्देश है।
हर ब्लॉक से 10-10 पंचायत भवनों को चिह्नित कर लिया गया है। इसके 149 पंचायत सहायकों की ट्रेनिंग भी हुई है। जो ग्राम सचिवालय में योजनाओं का ऑनलाइन कार्य करेंगे और शुल्क की वसूली करेंगे। -श्रीप्रकाश गुप्ता, सीडीओ