गाजियाबाद। एनएच-58 के पास बाइक सवार 4 लुटेरों ने ओवरटेक कर सेंट्रो सवार कारोबारी और उनके बेटे को तमंचों के बल पर कार से उतार दिया और दो महिलाओं को कार में ही अगवा कर फरार हो गए। आधे घंटे घुमाने के बाद बदमाशों ने महिलाओं से जेवर और नगदी लूट ली। कारोबारी के पुलिस को सूचना देने पर फर्रूखनगर में पुलिस ने लुटेरों को घेराबंदी की तो लुटेरे कार छोड़कर मोटरसाइकिलों पर फरार हो गए। कार में पुलिस को दो तमंचे मिले हैं। इस सनसनीखेज घटना में पुलिस का रवैया बेहद गैरजिम्मेदाराना रहा। साहिबाबाद, मुरादनगर और सिहानी गेट पुलिस घंटों तक सीमा विवाद में उलझी रही। पुलिस के इस रवैये से परेशान कारोबारी बिना रिपोर्ट लिखाए ही दिल्ली चले गए।
वारदात बृहस्पतिवार रात करीब पौने 8 बजे की है। एसओ सिहानी गेट प्रमोद गौतम ने बताया कि भैयादूज के चलते दिल्ली उत्तमनगर निवासी रणजीत सिंह पत्नी मोहिनी, साली लता और बेटे पुनीत (14) के साथ अपनी ससुसाल मेरठ गए थे। वापस दिल्ली आते वक्त एनएच-58 पर जाम मिला। उन्होंने कार राजनगर एक्सटेंशन की तरफ मोड़ दी। यहां उन्हें दो बाइकों पर सवार चार युवक खड़े मिले। उन्होंने उनसे एनएच-58 के अलावा दिल्ली जाने का रास्ता पूछा। युवकों ने उन्हें नंगला अटौर वाले सुनसान रास्ते की तरफ भेज दिया। जैसे ही वे भनेड़ा गांव के पास पहुंचे, पीछे से चारों युवक बाइक से आए और ओवरटेक कर उन्हें रोक लिया। रणजीत सिंह और उनके बेटे को तमंचों के बल पर कार से उतार लिया। दो बदमाश कार में सवार हो गए। महिलाओं को तमंचों के बल पर बंधक बना लिया। दो बाइकों पर चलते रहे। इस दौरान रणजीत और उनके बेटे दौड़कर मुरादनगर पहुंच गए और पुलिस को घटना बताई। पुलिसवालों ने वायरलेस पर सूचना प्रसारित की। फरुखनगर और लोनी के बीच में चेकिंग कर रही पुलिस ने लुटेरों को घेर लिया।