मोदीनगर-मुरादनगर चेयरमैन गायब , पतला-निवाड़ी के अध्यक्षों ने संभाला काम
मोदीनगर। शपथ ग्रहण करने के बाद बृहस्पतिवार को अपने कार्यकाल के प्रथम दिन मोदीनगर और मुरादनगर के नवनिर्वाचित चेयरमैन कार्यालय नहीं पहुंचे। उधर, चेयरमैन के कार्यालय आने की उम्मीद से कर्मचारी सुबह से ही इंतजार में थे। जबकि निवाड़ी और पतला नगर पंचायत के चेयरमैन कार्यालय पहुंचे और कर्मियों से मुलाकात की और कामकाज पर चर्चा की।
बृहस्पतिवार को नवनिर्वाचित चेयरमैन का पहला दिन था। सुबह से ही पालिका कार्यालय में तैनात कर्मचारी और अधिकारी चेयरमैन के आने क ा इंतजार कर रहे थे। लेकिन मुरादनगर चेयरमैन रेखा अरोड़ा व्यक्तिगत कारणों के चलते कार्यालय नहीं पहुंचीं। जबकि मोदीनगर चेयरमैन सरोज शर्मा के पति एवं पूर्व चेयरमैन रामआसरे शर्मा जरूर कार्यालय पहुंचे और कर्मचारियों से मुलाकात की। चेयरमैन पति रामआसरे शर्मा ने बताया कि चेयरमैन नगर के विकास के लिए कार्य कराएंगी। नगर की साफ-सफाई और क्षतिग्रस्त सड़क, गलियों की मरम्मत और पथ प्रकाश व्यवस्था पर अधिक ध्यान रहेगा। उधर, पतला नगर पंचायत चेयरमैन केपी सिंह कार्यालय पहुंचे और कर्मचारियों से बात की। निवाड़ी के चेयरमैन राजकुमार भी कार्यालय पहुंचे और कर्मियों से वार्ता करने के साथ कस्बे की सफाई के निर्देश दिए।
गुणवत्ता में कमी पर ब्लैक लिस्टिड होंगे ठेकेदारः धामा
लोनी। बुधवार को शपथ लेने के बाद चेयरमैन मनोज धामा ने नगर पालिका आफिस पहुंचकर हवन कराया। उन्होंने सर्वप्रथम रमजान के मद्देनजर क्षेत्र की सभी मस्जिदों के आसपास और मुस्लिम बस्तियों में साफ-सफाई अभियान शुरू करने के निर्देश दिया। बाद में उन्होंने विकास कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि अगर विकास कार्यों के निर्माण में गुणवत्ता कम पाई गई तो ठेकेदारों को ब्लैक लिस्टिड किया जाएगा। बृहस्पतिवार सुबह दस बजे चेयरमैन मनोज धामा खन्नानगर कॉलोनी स्थित नगर पालिका कार्यालय पहुंचे। उन्होंने कार्यालय की शुद्धि के लिए हवन कराया और कर्मचारियों के साथ बैठक की। उनका कहना है पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे। उन्हाेंने वर्षों से बेहटा हाजीपुर की वाल्मीकि बस्ती के पास भरे गंदे पानी की निकासी के लिए पंपसेट लगवाए। चेयरमैन ने बताया कि विकास कुंज कॉलोनियों में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया गया है। जेई को बुलाकर निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच को कहा। उनका कहना है कि अगर विकास कार्यों की गुणवत्ता में कमी पाई गई तो ठेकेदारों को ब्लैक लिस्टिड किया जाएगा।