हॉट सिटी के कई इलाकों में आज भी पानी की सरकारी सप्लाई नहीं होती
गर्मी में बोतल बंद पानी की डिमांड बढ़कर दो गुना हुई
बोतल बंद पानी की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठे
साहिबाबाद। हॉट सिटी के रेजीडेंट एक दिन में एक करोड़ रुपये खर्च कर भी ‘बीमार’ पानी पी रहे हैं। गर्मी बढ़ने के साथ ही हॉट सिटी के लोगों की प्यास बढ़ गई है। पानी पिलाने के सरकारी इंतजाम नाकाफी होने से पानी बेचने वालों की चांदी हो रही है। एक ओर पानी खरीद की लागत और दूसरी तरफ बीमारी पर खर्च से लोगों का बजट बिगड़ गया है।
बढ़ी पानी की खपत
लाजपत नगर स्थित वॉटर बॉटलिंग प्लांट के मालिक सुनील के मुताबिक दो महीने पहले उनके पास रोजाना 200 बोतल पानी की डिमांड थी, जो मई आते-आते 500 बोतल तक पहुंच गई है। राजेंद्र नगर स्थित प्लांट की सोमलता मित्तल और पप्पू कॉलोनी के आरके इंटरप्राइजेज प्लांट में भी पानी की डिमांड में दो- तीन गुना की बढ़ोत्तरी हुई है। सरकारी मशीनरी टीएचए के कई इलाकों में पानी की सप्लाई नहीं दे पा रही है तो कई जगहों पर लोगों को दूषित मिल रहा है।
20 लोगों के पास हैं लाइसेंस
मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक राजीव वर्मा के अनुसार टीएचए में करीब 20 लोगों के पास जमीन से पानी निकालने, फिल्टर करने और इसे बेचने के लाइसेंस हैं लेकिन यहां पर कम से कम चार दर्जन बॉटलिंग प्लांट चल रहे हैं। इन्होंने न तो निगम से भूजल दोहन की अनुमति ली है और न ही पानी बेचने का लाइसेंस। इसके बावजूद ये हॉट सिटी के घरों में पानी की सप्लाई दे रहे हैं।
दूषित पानी यानी बीमारियों का घर
माइक्रो बायोलॉजिस्ट डॉ. नरेंद्र सैनी के अनुसार अगर लगातार दूषित पानी का सेवन किया जाए तो इससे पेट दर्द, डायरिया, उल्टी, पीलिया, हैजा, टाइफाइड जैसी बीमारियां हो सकती हैं। पानी ज्यादा दूषित होने पर हेपेटाइटिस, खूनी दस्त का खतरा रहता है। उनका कहना है कि गर्मी के दौरान इस तरह के मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है। इनमें ज्यादातर पानी की वजह से बीमार हुए हैं।