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गाजियाबाद हत्याकांड: डीएनए टेस्ट पर टिका पुलिस का ‘सच’

Tue, 28 May 2013 12:44 AM IST
गाजियाबाद/अरीश रिज़वी
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सात लोगों की हत्याएं अकेले राहुल ने की हैं, इस पुलिसिया कहानी का सच डीएनए टेस्ट रिपोर्ट पर टिका है।
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राहुल की खून से सनी शर्ट और छुरे पर मिले फिंगर प्रिंट जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजे जाएंगे।

अगर शर्ट पर मृतकों के खून के छींटे और छुरे पर फिंगर प्रिंट राहुल के मिलते हैं तो पुलिस कोर्ट में ये दलील मजबूती से दे पाएगी कि हत्याएं राहुल ने ही की हैं।

अगर ऐसा न हुआ तो पुलिस की कहानी कमजोर पड़ जाएगी। हालांकि पुलिस का दावा है कि उसके पास राहुल को कातिल साबित करने के लिए और भी साक्ष्य हैं।

जैसे- घटनास्थल पर मिला फुटप्रिंट, सिगरेट का टुकड़ा, राहुल के बयानों की वीडियोग्राफी, पुलिस के मुख्य गवाह प्रशांत और राहुल की बातचीत की कॉल डिटेल।

इसके अलावा मृतकों के शरीर पर एक ही छुरे से जख्म होने का दावा। लेकिन ये सारे साक्ष्य और दावे फोरेंसिक रिपोर्ट निगेटिव आने पर हल्के पड़ जाएंगे।

केस के ट्रायल में राहुल का वकील पुलिस की कहानी की बखिया उधेड़ने की कोशिश करेगा। लिहाजा सबसे पुख्ता साक्ष्य (एविडेंस) पुलिस के पास राहुल की खून से सनी शर्ट और आला कत्ल हैं।
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एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि पुलिस जल्द ही साक्ष्यों को फोरेसिंक जांच के लिए लैब (आगरा या दिल्ली) भेजेगी।
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पुलिस को दिए बयान को नहीं मानती कोर्ट: अधिवक्ता
पूर्व बार एसोसिएशन अध्यक्ष शिव दत्त त्यागी का कहना है कि भले ही आरोपी ने पुलिस के समक्ष बयान दिया हो कि उसने हत्याएं की हैं, मगर कोर्ट में पुलिस को दिए बयान की अहमियत नहीं होती है। कोर्ट में ठोस सुबूतों की अहमियत होती है।
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पुलिस के साक्ष्यों में पेंच
- राहुल की खून से सनी जींस नहीं मिली
- पेशेवर न होने के बावजूद एक युवक ने सात खून कैसे किए
- लूट करने आया था तो बेरहमी से हत्याएं क्यों की
- राहुल का कोई आपराधिक इतिहास नहीं
- वारदात करने की वजह साफ नहीं है
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इन बिंदुओं की जांच भूली पुलिस
- कोई और भी हो सकता है राहुल के साथ
- सतीश गोयल की संपत्ति के विवाद
- सतीश गोयल के पास असलहा था या नहीं
- घर में बताए जा रहे एक करोड़ कहां गए
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