सोनभद्र जनपद में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के 18,000 लाभार्थी अपात्र मिले हैं। केंद्र सरकार की टीम की ओर से लाभार्थियों के सत्यापन में यह सच्चाई सामने आई है। सरकार ने अपात्रों के कनेक्शन निरस्त कर संबंधित एजेंसी संचालकों से रिकवरी का निर्देश दिया है। योजना के संचालन के लिए नामित कंपनी एजेंसी संचालकों को नोटिस जारी कर रही है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत तीन चरणों में लाभार्थियों का चयन हुआ था। प्रथम चरण में वर्ष 2011 के सामान्य एवं आर्थिक जनगणना के अनुसार गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यायन करने वाले लोग चयनित किए गए। द्वितीय चरण में अंत्योदय कार्डधारक, अनुसूचित जाति/जनजाति और तीसरे चरण में सभी अंत्योदय और पात्र गृहस्थी के कार्डधारक चयनित किए गए।
केंद्र सरकार की तरफ से नामित ऑयल कंपनी ने सेल्स अफसर और 32 गैस एजेंसियों के माध्यम से चयनित लाभार्थियों को मुफ्त गैस कनेक्शन, चूल्हा, सिलिंडर, रेग्युलेटर, पाइप मुहैया कराया। इंडियन ऑयल के फील्ड अफसर अजय कुमार ने बताया कि योजना के तहत जिले में एक लाख 84 हजार लोगों का चयन किया गया था।
केंद्र सरकार की टीम ने लाभार्थियों का सत्यापन किया तो पता चला कि नियमों की अनदेखी कर 18 हजार अपात्रों को योजना का लाभ दे दिया गया। बताया कि अपात्रों का कनेक्शन निरस्त कर उनको योजना का लाभ देने वाले गैस एजेंसी संचालकों को नोटिस जारी कर उनसे रिकवरी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अब तक सात एजेंसी संचालकों को रिकवरी संबंधी नोटिस जारी किया जा चुका है।