उत्तरप्रदेश के प्रतापगढ़ में कुंडा के हथिगवां थाना क्षेत्र के बलीपुर गांव में प्रधान नन्हे यादव की हत्या में वांछित अभियुक्त कामता पाल ने शनिवार को सीबीआई के समक्ष सरेंडर कर दिया।
बताया जाता है कि पूर्व ग्राम प्रधान कामता पाल राजा भैया के समर्थक हैं। 2 मार्च को कामता पाल के समर्थकों ने ग्राम प्रधान नन्हे यादव की हत्या कर दी थी। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और नन्हें के भाई सुरेश तथा सीओ कुंडा जिया उल हक की भी हत्या हो गई।
तिहरे हत्याकांड में चार एफआइआर दर्ज की गई। पहली रिपोर्ट प्रधान नन्हे लाल की हत्या के बाद उनके भाई फूलचंद्र की तहरीर पर दर्ज हुई है। इसमें कामता पाल, अजय पाल, राजीव सिंह, अजीत सिंह आदि को हत्या के आरोप में नामजद किया गया। प्रधान के दूसरे भाई सुरेश की हत्या में उसके भाई पवन की तहरीर पर कामता के पुत्र विजय पाल, संजय पाल व राजकुमार सरोज को नामजद किया गया है। इसमें गुडडू सिंह को हत्या का साजिशकर्ता बता कर नामजद किया गया है।
तीसरी रिपोर्ट हथिगवां पुलिस की तहरीर पर दर्ज की गई है। इसमें थानाध्यक्ष हथिगवां मनोज शुक्ला की तहरीर पर फूलचंद्र, संतोष, पवन समेत 10 को नामजद किया गया है। सभी आरोपियों पर ऑन डयूटी पुलिस अधिकारी की हत्या, सर्विस रिवाल्वर छीन ले जाने और बलवा की धाराएं लगाई गईं हैं।
चौथी तहरीर सीओ जियाउल हक की पत्नी परवीन ने दी है। इसमें प्रदेश के खाद्य एवं रसद मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भइया पर हत्या की साजिश रचने और उनके ड्राइवर गुड्डू सिंह व रोहित सिंह के साथ ही कुंडा नगर पालिका अध्यक्ष गुलशन यादव पर हत्या करने का आरोप लगाया गया।