फर्रुखाबाद जिले के अमृतपुर क्षेत्र में एक महिला की खरीद फरोख्त कर उससे नौ दिनों तक गैंगरेप का मामला सामने आया है।
बदायूं जिले की रहने वाली महिला अपने बच्चे को ढूंढने के लिए निकली थी तभी कुछ लोगों ने उसका अपहरण कर लिया था।
सीओ विजय बहादुर का कहना है कि जांच के दौरान खरीद-फरोख्त का मामला सामने आया है। हालांकि पुलिस ने अभी महिला का मेडिकल का जांच नहीं कराया है। महिला फिलहाल थाने में ही है।
बदायूं जिला के थाना भूसेझाग निवासी महिला सोमवार सुबह गांव माखन नगला में रोते हुए पहुंची। उसने ग्रामीणों से खुद के साथ बलात्कार की घटना बताई। ग्रामीणों ने उसे गांव में ही रोककर पुलिस को सूचना दी।
महिला के साथ रेप की सूचना मिलते ही सीओ अमृतपुर विजय बहादुर और थानाध्यक्ष अशोक कुमार दल बल के साथ मौके पर पहुंचे। वे महिला को थाने ले आए।
बेट को ढूंढने का दिया था झांसा
थाने में उसने बताया कि 10 दिन पहले उसका बेटा बदायूं में खो गया था। वह बेटे को रेलवे स्टेशन के बाहर खोज रही थी कि उसे रामप्रसाद का नगला निवासी कुछ लोग मिले।
उन्होंने उसके बेटे को ढुंढवाने में मदद करने का आश्वासन दिया। इसके बाद उसे चाय पिलाई, जिसे पीकर वह बेहोश हो गई।
होश आया तो तो खुद को एक कमरे में पाया। वहां उसे पता चला कि वह रामप्रसाद का नगला गांव में है।
नौ दिनों तक गैंगरेप
महिला का आरोप है कि उसके साथ नौ दिनों तक गैंगरेप किया गया। उसे एक कमरे में बंद रखा जाता था। सोमवार सुबह वह शौच के लिए घर से निकली और वहां से भाग आई।
महिला का कहना है कि उसके पति की एक साल पहले मौत हो चुकी है।
महिला की शिकायत पर पुलिस ने सोमवार दोपहर बाद गांव में छापा मारा, लेकिन कोई हत्थे नहीं चढ़ा। जिस घर में महिला को रखा गया था वहां सामान बिखरा पड़ा था।
पड़ोसियों ने बताया कि कुछ दिन से यहां एक महिला रह रही थी। आज सभी लोग कहीं चले गए। पुलिस ने शाम तक कई जगहों पर दबिश दी लेकिन सफलता नहीं मिली।