सूबे के प्रतियोगियों के लिए इस महीने का आखिरी सप्ताह चुनौतियों से भरा होगा। 26 से 30 जून के बीच चार बड़ी परीक्षाएं हैं। इनमें लाखों प्रतियोगी ऐसे हैं जो इन सभी परीक्षाओं में शामिल हो रहे हैं।
इन प्रतियोगियों के सामने मुश्किल यह है कि सभी परीक्षाओं के परीक्षा प्रारूप में काफी अंतर है। इसलिए तैयारी में तालमेल बैठाना प्रतियोगियों के लिए काफी कठिन हो रहा है।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की पीसीएस-2013 प्रारंभिक परीक्षा 23 जून को है। इसमें पूरे प्रदेश में 4.40 लाख अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं।
इसके अगले दिन 27 और 28 जून को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) है। इसके बाद 30 जून को यूजीसी नेट। इसमें अकेले इलाहाबाद में ही 25 हजार से अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं।
गौर करने वाली बात यह है कि पीसीएस में नया पैटर्न लागू होने के बाद वैकल्पिक विषय का पेपर हटा दिया गया है। अब इसमें सी-सैट और सामान्य अध्ययन का पेपर होगा।
वहीं टीईटी के पेपर में टीचिंग से संबंधित सवाल होंगे। इसके विपरीत यूजीसी-नेट में विषय से संबंधित पेपर होंगे। ऊंचवागढ़ी के रिंकू, आशीष, बघाड़ा के अभिषेक, तोषी आदि का कहना है कि वे एक ही परीक्षा पर केंद्रित हो सकते हैं। ऐसे में उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है।