यूपी में उचौलिया में पसगवां थाना क्षेत्र के अंतर्गत लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर कोटरा गांव में पास सोमवार देर रात इनोवा कार और डीसीएम की आमने-सामने की भिड़ंत में नौकरी के लिए इंटरव्यू देने हरिद्वार जा रहे चार दोस्तों में से दो युवतियों, एक युवक और कार चालक की मौत हो गई। एक युवक गंभीर रूप से घायल है और उसे शाहजहांपुर जिला अस्पताल से लखनऊ रेफर कर दिया गया है। हादसे में डीसीएम चालक भी घायल हुआ है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक इनोवा कार संख्या यूपी 32 ईके-7677 से 32 वर्षीय पंकज गौतम उर्फ अक्षय निवासी इंद्रपुरी (मुंशीखेड़ा) लखनऊ, उनका दोस्त 30 वर्षीय नईम पुत्र जफर निवासी रेलवे कॉलोनी मानकनगर लखनऊ, 22 वर्षीय सोनल गुप्ता पुत्री विकास गुप्ता निवासी नखास जौनपुर, 23 वर्षीय शिवांगी पुत्री लाल बृजेंद्र सिंह निवासी खालिसपुर डुड़िया जलालपुर अंबेडकरनगर सोमवार देर शाम लखनऊ से हरिद्वार के लिए रवाना हुए थे। कार 30 वर्षीय अमित मौर्य चला रहा था।
रात करीब डेढ़ बजे हाईवे पर कोटरा गांव के पास शाहजहांपुर की ओर से आ रही डीसीएम संख्या यूपी 42 डी-5945 से कार की टक्कर हो गई। दोनों वाहन आपस में बुरी तरह फंस गए। हादसे में कार चालक अमित मौर्य सहित सभी लोग बुरी तरह जख्मी हो गए।
सूचना पर मौके पर पहुंचे एसओ
सूचना पर एसओ विश्वनाथ यादव मौके पर पहुंचे और कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला। रात करीब दो बहजे पांचों घायलों को शाहजहांपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुछ ही देर बाद अमित, अक्षय, सोनम और शिवांगी की मौत हो गई। नईम की हालत नाजुक बताई जा रही है।
पुलिस का कहना है कि हादसे में मरने वाली युवती शिवांगी और सोनम लखनऊ में बैंकिंग की कोचिंग करती थीं।
डीएसएम चालक जयप्रकाश निवासी बभनिया थाना रौनाही जिला फैजाबाद को भी गंभीर चोटें आई हैं। वह भी अस्पताल में भर्ती है। पंकज के पिता उमाकांत की तहरीर पर डीसीएम चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस ने डीएसएम को कब्जे में ले ली है।
सोनल की हुई पापा से बात
लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर कोटरा गांव में हुए हादसे में मौत का शिकार हुए चार लोगों में से सोनल ही ऐसी रही, जिसकी अपने पिता से बात हो गई थी। हालांकि सोनल इतना ही बता पाई थी कि पापा मेरा एक्सीडेंट हो गया है। आप आ जाओ। सोनल के आखिरी शब्द याद कर पिता विकास गुप्ता का बुरा हाल है। सोनल के साथ ही मृतक पंकज और अमित के घर वाले भी देर शाम यहां पहुंच गए। चारों शवों का पोस्टमार्टम यहीं कराया गया।
विकास गुप्ता ने बताया कि सोनल, शिवांगी, पंकज और नईम दोस्त थे। उन चारों को एक नौकरी के सिलसिले में हरिद्वार से कॉल आई थी और चारों वहां इंटरव्यू देने जा रहे थे। विकास गुप्ता के मुताबिक सोनल लखनऊ के नरही के एक हॉस्टल में रहकर बैंक कंपिटीशन की तैयारी कर रही थी। हादसे में मौत का शिकार हुई दूसरी युवती शिवांगी के पिता आजम नगर के बरदह थाने में कांस्टेबल हैं।
शिवांगी और सोनल जौनपुर में एक साथ पढ़ी थीं और लखनऊ में भी साथ रहती थीं। पंकज गौतम उर्फ अक्षय लखनऊ निवासी उमाकांत गौतम का बेटा था और शादीशुदा था। पंकज के घायल दोस्त नईम को बेहतर इलाज के लिए शाहजहांपुर से लखनऊ रेफर कर दिया गया।
पंकज और अमित ने रास्ते में ही तोड़ा दम
बताया जाता है कि पंकज और अमित ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया था। जिस एंबुलेंस से इन घायलों को लाया गया, उसके ड्राइवर से इन घायलों की थोड़ी-थोड़ी बात हुई थी। वहीं पर उस ड्राइवर की मुलाकात शाहजहांपुर में प्राइवेट एंबुलेंस चलाने वाले करन से हुई थी।
करन को उस ड्राइवर ने इन घायलों के नंबर उपलब्ध करा दिए थे। फिर करन ने ही सोनल के पिता से फोन पर बात कराई थी। सोनल इतना ही कह पाई थी, पापा मेरा एक्सीडेंट हो गया है, आप जल्दी आ जाओ।
इतना कहने के बाद सोनल ने फोन करन को थमा दिया। तब करन ने ही पिता को घटना की पूरी जानकारी दी।