सात समंदर पार से काशी घूमने आए विदेशी जोड़े ने शनिवार की सुबह हिंदू रीति से शादी रचाई। दशाश्वमेध घाट के सामने बीच गंगा में बजड़े (बड़ी नाव) पर कन्यादान हुआ और लावा परिछन की रस्म भी निभाई गई। मंत्रोच्चार के साथ वैदिक आचार्यों ने दोनों को सात फेरे दिलाए।
इंग्लैंड के राबर्ट और स्पेन की क्रिस्टीना ने एक दूसरे को जीवन साथी बनाने का निर्णय काशी में ही किया। दोनों हफ्ते भर पहले यहां घूमने आए थे। घाट पर ही दोनों एक-दूसरे के करीब आए और फिर हिंदू रीति से शादी रचाने का निर्णय ले लिया गया।
बंगाली टोला स्थित एक गेस्ट हाउस में ठहरे इस जोड़े ने हिंदू रीति से शादी रचाने के लिए दशाश्वमेध घाट स्थित गंगा सेवा निधि से जुड़े पुजारी पंडित राजेंद्र कुमार दुबे (बब्लू पंडित) से संपर्क साधा।
बब्लू पंडित ने शादी की तैयारी कराई और शनिवार की सुबह दशाश्वमेध घाट के सामने फूलों, गुब्बारों से सजे बजड़े पर दोनों को सात फेरे दिलाने की रस्म पूरी की गई।
लावा परिछन की रस्म पूरी कराने के लिए पुरोहित ने लड़की के भाई को बुलाया तो वहां क्रिस्टीना का कोई भाई नहीं था।
अंतत: घाट के ही सोनू साहनी ने भाई का रिश्ता मंजूर किया। पिता की अनुपस्थिति में कन्यादान की रस्म घाट के ही हीरानंद पांडेय ने पूरी कराई।