उत्तर प्रदेश में श्रीराम जन्मभूमि पर संसद में कानून बनाकर मंदिर का निर्माण किए जाने के बाबत लिखी गई चिट्ठी पर जिले की सीजेएम अदालत में एफआईआर दर्ज करने के लिए अर्जी दी गई है।
अर्जी में संसदीय कार्य एवं नगर विकास मंत्री आजम खां, गृह सचिव सर्वेश चंद्र मिश्र, प्रमुख सचिव गृह आरएम श्रीवास्तव व सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के खिलाफ एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज करने की याचना की है।
सीजेएम ने अर्जी पर कोतवाली नगर से आख्या तलब करते हुए सुनवाई की अगली तिथि 31 अक्तूबर की तिथि नियत की है।
दायर की गई अर्जी में शहर के मोदहा निवासी मोहम्मद अली उर्फ अली बाबा ने कहा है कि 12 तारीख को वह टीवी के एक समाचार चैनल पर खबर देख व सुन रहे थे।
चैनल पर सुना कि विपक्षीगण उपरोक्त ने आपस में दुरभि संधि करके कूटरचित चिट्ठी 9 अक्तूबर 2013 प्रशासन के आला अधिकारियों को जारी करते हुए यह आदेश दिया कि प्रदेश सरकार की तरफ से सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर अयोध्या में श्रीराम मंदिर पर भी संसद में कानून बनाकर मंदिर का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए 14 अक्तूबर को लाल बहादुर शास्त्री भवन में बैठक भी आहूत की गई थी।
बैठक में डीजीपी, एडीजी कानून व्यवस्था, एडीजी अभिसूचना, आईजी जोन लखनऊ व डीएम, डीआईजी, एसएसपी फैजाबाद को बैठक में शिरकत करने को कहा गया था। विपक्षीगण की इस चिट्ठी से दुर्गा पूजा के त्योहार जैसे संवेदनशील मौके पर पूरे देश में बवाल होने की प्रबल संभावना है।
चिट्ठी को मीडिया में जानबूझकर लीक कराकर देश का माहौल बिगाड़ने के आशय से गंभीर प्रकृति का संज्ञेय अपराध किया है। इसके लिए विपक्षीगण के खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।