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वाराणसी में उफनाई गंगा, मचा कोहराम

Mon, 26 Aug 2013 01:29 AM IST
वाराणसी/ब्यूरो
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उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा में उफान से कोहराम मच गया है। रविवार को जलस्तर खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर (72.260 मीटर) पहुंच गया। शहर की तटीय बस्तियों के भवनों की दूसरी मंजिल भी डूबने लगी है।
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नगवां, लंका और सामनेघाट इलाके की 15 से अधिक कॉलोनियां जलमग्न हो गई हैं और हजारों लोग बाढ़ से घिर गए हैं। सामने घाट इलाके से साठ फीसदी से अधिक लोग पलायन कर चुके हैं।

चार आवासीय अपार्टमेंट खाली करा लिए गए हैं। अस्सी में सड़क पर नाव चलने लगी है। प्रभावित मोहल्लों में बिजली-पानी की सप्लाई ठप है। दशाश्वमेध में मछली मंडी के आगे पानी बढ़ने से लोग 1978 की बाढ़ की याद कर सहम गए हैं।
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जिलाधिकारी प्रांजल यादव ने तटीय इलाकों का दौरा कर प्रभावित लोगों की समस्याएं जानीं। शहर के बाढ़ग्रस्त दक्षिणी इलाके में पानी से घिरे मोहल्लों में जनजीवन लड़खड़ा गया है।

शाम तक नगवा-लंका से लगी कालोनियां बाढ़ से घिर गईं। रोजमर्रा की वस्तुओं के लिए घर से निकलना मुश्किल हो गया है।

सामने घाट में आवासीय सुविधा वाले विद्यार्थी मित्रम पब्लिक स्कूल में पानी भरने के बाद इसे खाली करा लिया गया।

मारुतिनगर, बालाजी नगर, बालाजी एक्सटेंशन, महेशनगर, पटेलनगर, काशीपुरम, छित्तूपुर, जानकी नगर आदि कालोनियां चौतरफा जलमग्न हो गई हैं।

10 हजार से अधिक परिवारों ने छतों पर शरण ले ली है। हरिश्चंद्र घाट जाने वाली रोड पर गंगा के बहने से यहां भी 20 से अधिक दुकानों में पानी भर गया है। लगातार बढ़ाव से चौतरफा हाहाकार मच गया है।

टूट सकता है रिकॉर्ड
गंगा में एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ाव हो रहा है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक शाम छह बजे जल स्तर 72.260 मीटर पहुंच गया था। यह खतरे के निशान से लगभग एक मीटर अधिक है।
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अगर बढ़ाव जारी रहा तो इस बार 1978 का रिकार्ड भी टूट सकता है। तब गंगा का जलस्तर 73.901 मीटर तक पहुंच गया था। यह वाराणसी में अब तक अधिकतम रिकॉर्ड है।

आयोग के मुताबिक फाफामऊ और इलाहाबाद में दो-दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गंगा में बढ़ाव जारी है।
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