युवक ने पत्नी की हत्या के बाद की आत्महत्या
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फिरोजाबाद की शिकोहाबाद बिजेंद्र कॉलोनी में रविवार रात आपसी कलह में पति ने पत्नी की तकिए से मुंह दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद खुद को तमंचे से गोली मारकर जान दे दी। कमरे से फायरिंग की आवाज सुनकर परिजन कमरे में पहुंचे। यहां युवक का शव खून से लथपथ तख्त पर पड़ा था। जबकि अंदर के कमरे में उसकी पत्नी की लाश पलंग पर पड़ी थी।
पुलिस ने दोनों के शव का पोस्टमार्टम कराया है। मूल रूप से नसीरपुर के गांव गढ़रौली निवासी रंजीत सिंह बीएसएफ में एसआई के पद पर श्रीनगर में तैनात हैं। उनका परिवार बिजेंद्र कॉलोनी में अपने मकान में रहता है। सोमवार रात करीब डेढ़ बजे अचानक कमरे से फायर की आवाज आई। जैसे ही आवाज हुई, तो घर में दूसरे कमरों में सो रहे परिजन की नींद खुल गई।
दीपक यादव (30) का शव बाहर के कमरे में खून से लथपथ पड़ा था। परिजन ने अंदर कमरे में जाकर देखा तो उसकी पत्नी शशि यादव (26) मृत अवस्था में पड़ी थी। उसके माथे के ऊपर चोट का निशान था। पुलिस का अनुमान था कि घटना से पहले मृतक ने पत्नी की पिटाई की। इसके बाद उसकी हत्या कर दी।
महिला की मौत के बाद बाहर के कमरे में आकर तख्त पर लेटकर युवक ने अपनी कनपटी पर तमंचा से गोली मार ली। इससे उसकी भी मौके पर मौत हो गई। पुलिस ने दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए फिरोजाबाद भेजे। तीन चिकित्सकों के पैनल ने दंपती के शवों का पोस्टमार्टम किया।
थाना प्रभारी शिकोहाबाद हरवेंद्र मिश्रा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार तकिया या फिर चादर से मुंह दबाकर पहले पत्नी की हत्या की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण दम घुटना बताया गया है।
एसपी ग्रामीण कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि सोमवार रात करीब डेढ़ बजे सूचना मिली थी कि युवक ने पत्नी की हत्या कर खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली है। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मोबाइल पर बात करने को लेकर भी दोनों में होती थी बहस
मृतक दीपक के भाई गोविंद ने बताया कि मोबाइल पर भाभी द्वारा बात करना भाई को अच्छा नहीं लगता था। जब भी भाभी बात करतीं थी तो भाई उन पर संदेह करते थे। जिससे दोनों के बीच आए दिन खटपट होती रहती थी। उसने बताया कि कई बार मोबाइल को लेकर भाई और भाभी में झगड़ा भी हुआ था। लेकिन किसी को यह अंदाजा नहीं था कि भाई इतना बड़ा कदम उठा लेगा।
गोविंद ने बताया कि भाई सर्विस के लिए तैयारी कर रहा था। शादी के आठ साल बीतने के बाद भी कोई रोजगार न मिलने से भाई परेशान थे और उनकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं थी। गोविंद ने बताया कि वह तीन भाई हैं। दीपक सबसे बड़े थे। तीनों भाइयों में से किसी की भी नौकरी नहीं लगी है। पूरा परिवार पिता के ऊपर ही आश्रित है। जिसको लेकर भी भाई काफी परेशान रहते थे।