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गोताखोरों ने बच्चों को यमुना से निकाला, लेकिन बचा नहीं सके

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फिरोजाबाद/सिरसागंज। नगला खंगर थाना क्षेत्र का गांव मड़ई यमुना की खादरों के बीच बसा हुआ है। ग्रामीण अपनी दिनचर्या में व्यस्त थे। रामप्रदीप, नीलम और धनदेवी के साथ अन्य बच्चे भी यमुना किनारे बकरियों को चराने के लिए थे। रामप्रदीप, नीलम और धनदेवी के यमुना में नहाने वक्त डूब गए। बच्चें की सूचना पर गोताखोरों ने बच्चों को खोजने के लिए यमुना में छलांग लगा दी लेकिन वह बच्चों को बचा नहीं सके।
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गांव में यमुना के पास नहा रहे अन्य बच्चों ने इसकी सूचना जैसे ही ग्रामीणों को दी, पूरे गांव में हड़कंप मच गया, जो जिस हाल में था वह यमुना की ओर दौड़ दिया। आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। गांव के गोताखोर भी बच्चों को निकालने के लिए सीधे घटनास्थल पर आ गए। बच्चों को बचाने के लिए गोताखोर सीधे यमुना में छलांग लगा दी। 20 मिनट बाद तीनों बच्चों को गोताखोरों ने बाहर निकाल लिया लेकिन पेट में ज्यादा पानी भरने के कारण ग्रामीण बचा नहीं सके। इस बीच पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा तीनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। तीन-तीन मौत के बाद गांव में मातम छा गया। एक साथ तीन बच्चों के शवों को देख हर आंख नम हो गई।
समय से नहीं मिलती सूचना तो तलाश में होती दिक्कत
ग्रामीणों की माने तो यमुना नदी में पानी का बहाव काफी तेज था, जिसके चलते बच्चे पानी के बहाव के साथ बहने लगे और डूब गए। यदि यमुना किनारे बकरी चरा रहे अन्य बच्चे समय से तीनों बच्चों के डूबने की जानकारी गांव में आकर नहीं देते तो बच्चों की तलाश करने में काफी दिक्कत होती। गनीमत रही कि समय रहते ग्रामीणों को बच्चों के डूबने की जानकारी हो गई।
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तीनों बच्चों की मौत पानी में डूबने से हुई है। बच्चों के परिजनों ने शवों का अंतिम संस्कार कर दिया है। पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया था। -डॉ. अखिलेश नारायन सिंह, एसपी देहात
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