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Firozabad News: कारखानेदारों का एक रुपये बढ़ाने का प्रस्ताव श्रमिकों ने ठुकराया, जुड़ाई अड्डों पर सन्नाटा

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पेयजल समस्या लेकर निगम पहुंचे, बालाजी नगर के लोग। ंसंवाद - फोटो : पेयजल समस्या लेकर निगम पहुंचे, बालाजी नगर के लोग। ंसंवाद
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फिरोजाबाद। कांच चूड़ी उद्योग में सादा चूड़ी जुड़ाई की दरों को लेकर चल रहा गतिरोध अब और गहरा गया है। कारखानेदारों और श्रमिकों के बीच पैदा हुए इस विवाद को थामने के लिए उद्यमियों ने प्रति तोड़ा चूड़ी जुड़ाई के मेहनताने में मात्र एक रुपये की बढ़ोतरी करने की पहल की है। हालांकि, श्रमिक संगठनों ने इस बढ़ोतरी को ऊंट के मुंह में जीरा बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया है। इसके कारण शहर के प्रमुख चूड़ी जुड़ाई अड्डों पर मंगलवार को पूरी तरह सन्नाटा पसरा। आने वाले दिनों में यह गतिरोध और बड़ा रूप ले सकता है।
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हाल ही में मिट्टी के तेल (केरोसिन) और कमर्शियल गैस की कीमतों में हुई भारी बढ़ोतरी के बाद, चूड़ी जुड़ाई से जुड़े गरीब श्रमिकों ने सादा चूड़ी जुड़ाई के मेहनताने (मजदूरी) में सम्मानजनक वृद्धि की मांग उठाई थी। इस विवाद को सुलझाने के लिए बीते सोमवार को प्रशासन, कारखानेदार और श्रमिक प्रतिनिधियों के बीच एक त्रिपक्षीय वार्ता भी आयोजित की गई थी, जो पूरी तरह बेनतीजा रही।
त्रिपक्षीय वार्ता विफल होने के बाद, मंगलवार को चूड़ी कारखानेदारों के प्रमुख संगठन द इंडस्ट्रियल ग्लास सिंडिकेट की ओर से एक प्रेस नोट जारी किया गया। सिंडिकेट के डायरेक्टर हनुमान प्रसाद गर्ग द्वारा जारी इस बयान के अनुसार, उद्यमियों ने अपनी ओर से गतिरोध खत्म करने का प्रयास किया है। इसमें लिखा गया कि अभी श्रमिकों को 35.50 प्रति तोड़ा की दर से मेहनताना मिलता है। इसमें 1 रुपये की वृद्धि करते हुए आगामी 15 जून से 36.50 प्रति तोड़ा मेहनताना देने का ऐलान किया जाता है। एक जुलाई से अतिरिक्त राहत देते हुए 50 पैसे प्रति तोड़ा की बढ़ोतरी और की जाएगी। कारखानेदारों की इस 1 रुपये की बढ़ोतरी की पहल को श्रमिक संगठनों ने पूरी तरह अनुचित और नाकाफी बताया है। महिला श्रमिक नेता राधा देवी शंखवार ने दो टूक शब्दों में कहा कि तेल और एलपीजी गैस के दाम आसमान छू रहे हैं, ऐसे में मात्र 1 रुपये बढ़ाना गरीब श्रमिकों के साथ भद्दा मजाक है। उन्होंने मांग की है कि प्रति तोड़ा चूड़ी जुड़ाई की कीमतों में कम से कम 5 रुपये की बढ़ोतरी होनी चाहिए, तभी जुड़ाई अड्डों का खर्च और श्रमिकों का घर चल पाएगा।
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इन प्रमुख जुड़ाई अड्डों पर ठप हुआ काम
श्रमिक संगठनों और कारखानेदारों के बीच आम सहमति न बनने का असर जमीन पर दिखने लगा है। मंगलवार को शहर के प्रमुख चूड़ी जुड़ाई हब माने जाने वाले इलाकों में काम पूरी तरह ठप रहा। ऐलान नगर, सैलई, शांति नगर, कौशल्यानगर और कोटला रोड स्थित चूड़ी जुड़ाई अड्डों पर सन्नाटा पसरा दिखा। यदि जल्द ही दोनों पक्ष किसी ठोस निर्णय पर नहीं पहुंचे, तो सुहागनगरी का करोड़ों रुपये का चूड़ी टर्नओवर बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।
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