फिरोजाबाद। कन्या सुमंगला योजना के पात्रों को खोजने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शनिवार को घर-घर दस्तक देती दिखाई दीं। ताकि कोई कन्या इस योजना का लाभ प्राप्त करने से वंचित नहीं रहने पाए। जिला कार्यक्रम अधिकारी आभा सिंह ने जिले के सभी परियोजनाओं की सीडीपीओ एवं मुख्य सेविका को लक्ष्य के अनुरूप पात्रों का चिह्नांकन करने के साथ आवेदन की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही रुचि नहीं लेने पर कई सीडीपीओ से स्पष्टीकरण भी मांगा था।
गरीबों के घर कन्याएं बोझ नहीं बनें इसके लिए प्रदेश सरकार ने कन्या सुमंगला योजना प्रारंभ की है। इस योजना के तहत पात्र कन्याओं की शिक्षा से लेकर उनके लालन-पालन तक का खर्चा प्रदेश सरकार की ओर से उठाया जाता है। शासन ने जिले का लक्ष्य 25 हजार कन्याओं को लाभान्वित करने का दिया है। 15 जुलाई से लेकर 15 अगस्त तक कन्याओं के चिह्नांकन का विशेष अभियान चलाने के निर्देश शासन ने दिए थे।
इसी के तहत बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग को करीब चार हजार कन्याओं का चिह्नांकन करने के आदेश दिए हैं। डीपीओ आभा सिंह ने सभी परियोजना की सीडीपीओ के साथ मुख्य सेविका को इसके लिए आवेदन कराने के साथ चिह्नांकन के निर्देश दिए थे। लेकिन सीडीपीओ ने कोई रुचि नहीं दिखाई। डीपीओ ने कई सीडीपीओ से स्पष्टीकरण मांगा था।
डीपीओ की सख्ती का परिणाम रहा कि शनिवार को लॉकडाउन होने के बाद भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्र में कन्या सुमंगला योजना की पात्र कन्याओं को खोजती दिखाई दीं। ताकि कन्याओं का आवेदन फार्म भरवाने के साथ योजना का लाभ दिलाया जा सके।
कन्या सुमंगला योजना के परियोजनावार लक्ष्य
परियोजना लक्ष्य
जसराना 200
अरांव 200
कोटला 320
फिरोजाबाद 400
टूंडला 400
एका 360
खैरगढ़ 280
मदनपुर 320
शिकोहाबाद 360
शहर प्रथम 360
शहर द्वितीय 800
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कुल 4000
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कन्या सुमंगला योजना के तहत चार हजार कन्याओं के चिह्नांकन की जिम्मेदारी सौंपी थी। अगस्त माह के दूसरे सप्ताह का लक्ष्य लगभग पूरा हो गया। अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से शेष लक्ष्य का पूरा किया जाएगा। 442 आवेदन प्रोबेशन विभाग को भेज दिए हैं।
आभा सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी, फिरोजाबाद।