उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में अग्निकांड के छठवें दिन शनिवार को काठ बाजार आखिरकार खुल गया। पक्की दुकानों वाले दुकानदार अपनी दुकानों को खोलकर काम करते दिखाई दिए। जबकि आग से जलीं 56 दुकानों के दुकानदार धरने पर बैठे दिखाई दिए। पीड़ित दुकानदारों का कहना था हमारा तो सब कुछ जल गया। इसलिए हमारा धरना जारी रहेगा। प्रशासन एवं नगर निगम के अफसरों ने हमारी कोई नहीं सुनी। कुछ दुकानदार ने अपना जले सामान को समेटने में जुटे थे।
विज्ञापन
रामलीला मैदान से सटे काठ बाजार में जली 56 दुकानों के दुकानदारों की पक्की दुकानें बनवाने, मुआवजा दिलाने व आग लगाने की घटना की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग को लेकर धरना चल रहा था। प्रशासन एवं नगर निगम के अफसरों की ओर से कोई राहत का आश्वासन नहीं मिलने से प्रभावित दुकानकार मायूस दिखाई दिए।
नगर विधायक मनीष असीजा द्वारा मदद की बात कहने के बाद शनिवार को काठ बाजार तो खुल गया। काठ बाजार खुलने के साथ दुकानदार काम करते दिखाई दिए। लेकिन प्रभावित दुकानदारों ने जली दुकानों के सहारे फर्श डालकर धरना जारी रखा।
दुकानदारों का कहना था कि जिनकी दुकानें ठीक हैं उन्होंने धरना खत्म कर दिया। प्रभावित हम सभी लोग हैं, हमारी तो कहीं कुछ सुनवाई नहीं हुई। ममतेश झा एवं ओमकार शर्मा का कहना था कि जिलाधिकारी के यहां से न कोई ठोस आश्वासन मिला और न ही नगर निगम के अफसरों ने कोई बात सुनी।
इसके कारण हमारा तो धरना जारी रहेगा। कुछ दुकानदार अपने जली दुकान का सामान समेटते दिखाई दिए। धरना स्थल पर जगदीश प्रसाद, राहुल शर्मा, विजय शर्मा, राजकिशोर शर्मा, ममतेश झा, होतीलाल, कमल किशोर, राकेश कुमार, मोहनलाल सहित काफी दुकानदार शामिल थे।