सिरसागंज के मैन रोड पर सर्राफा व्यवसायी की पत्नी की सिर कुचल कर हत्या कर दी गई। महिला की हत्या का तब पता चला जब उनके भाई और भाभी पहुंचे। पुलिस हत्याकांड की वजह नहीं बता पा रही है। सर्राफा व्यवसायी भी गायब हैं।
मैन रोड पर सर्राफ की दुकान करने वाले नरेश शिवहरे और उनकी पत्नी ऊषा शिवहरे उम्र 50 वर्ष मंगलवार को वृंदावन जाने की तैयारी कर रहे थे। दोपहर दो बजे भिंड से सिरसागंज पहुंचे ऊषा के भाई संतोष और उनकी पत्नी अर्चना ने काफी देर तक घर का शटर खटखटाया लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। ऊषा और नरेश का फोन भी नहीं लग रहा था। पड़ोसियों ने जब छत पर जाल में से देखा तो ऊषा बेड पर खून से लथपथ पड़ी थीं। इसके बाद लोगों ने जैसे तैसे शटर का ताला खोलकर अंदर प्रवेश किया तो उनकी चीख निकल गई। ऊषा शिवहरे का सिर बुरी तरह से कुचला हुआ पड़ा था और बाथरूम में लोहे की मूसली खून से रगीं पड़ी थी। संतोष और अर्चना ने घटना की जानकारी पुलिस को दी तो मौके पर थानाध्यक्ष व सीओ पहुंच गए। पुलिस का कहना है कि नरेश शिवहरे की दोनों बेटियों का विवाह हो चुका है जबकि पुत्र विवेक दिल्ली में रहकर नौकरी कर रहा है। पति पत्नी घर में अकेले ही रहते थे। वहीं अर्चना ने बताया कि दोपहर 12 बजे उनकी ऊषा शिवहरे से फोन पर बात हुई थी और उन्होंने पति नरेश के साथ वृंदावन चलने को कहा था। इसके बाद दो घंटे में ऐसे क्या हालात बदले कि ऊषा की जान चली गई। वहीं नरेश शिवहरे घटना के बाद से गायब है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट टीम पहुंची
मौके पर पहुंची फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट की टीम ने नरेश शिवहरे के घर में हत्या में प्रयोग की गई लोहे की मूसली और अन्य कई स्थानों से फिंगर प्रिंट लिए हैं।