पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद मृतका निशा के परिजन, मौजूद पुलिस। संवाद
- फोटो : पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद मृतका निशा के परिजन, मौजूद पुलिस। संवाद
फिरोजाबाद। थाना रसूलपुर क्षेत्र के नगला बरी स्थित एक निजी अस्पताल में शनिवार सुबह डिलीवरी के बाद नवजात बेटे को जन्म देने वाली प्रसूता की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। मृतका के पति ने अस्पताल के चिकित्सक पर गलत इंजेक्शन लगाने और इलाज में लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद परिजन ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। करीब चार घंटे तक शव अस्पताल में ही रखा रहा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
थाना उत्तर क्षेत्र के अंबेडकर नगर नई आबादी, रेहना निवासी टीकम सिंह की 25 वर्षीय पत्नी निशा को एक अक्तूबर की शाम तेज प्रसव पीड़ा होने पर नगला बरी स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार सुबह उसने ऑपरेशन से एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। शनिवार सुबह करीब सात बजे तक जच्चा-बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ थे। इसके बाद अचानक निशा को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। आरोप है कि चिकित्सक ने एक इंजेक्शन का पर्चा परिजनों को थमाया।
पति टीकम सिंह का आरोप है कि वह बाजार से दवा लेकर आया। जैसे ही पत्नी को इंजेक्शन लगाया गया, महज पांच मिनट के भीतर उसे तेज घबराहट होने लगी और कुछ ही देर में उसने दम तोड़ दिया। आरोप है कि महिला की मौत होते ही अस्पताल का स्टाफ और डॉक्टर मौके से भाग निकले। उन्होंने लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
पुलिस ने पोस्टमार्टम को भेजा शव, प्राथमिकी की तैयारी
सूचना पर पहुंची रसूलपुर थाना पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद आक्रोशित परिजन को शांत कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित पति द्वारा लिखित तहरीर दे दी गई है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और मामले की सूचना स्वास्थ्य विभाग की टीम को भी दे दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार डॉक्टर व अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
महिला की मौत के बाद जांच टीम पहुंची
फिरोजाबाद। महिला की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है। सीएमओ डॉ. गुरदीप सिंह की अध्यक्षता में गठित टीम ने शनिवार को अस्पताल का निरीक्षण किया। जांच टीम ने अस्पताल में भर्ती, उपचार और नर्सिंग से संबंधित अभिलेखों की पड़ताल की। अस्पताल प्रबंधन और संबंधित चिकित्सकों से भी जानकारी ली गई। टीम ने मृतका के परिजनों से बातचीत कर उनके कथन और शिकायतों को दर्ज किया। डॉ. गुरदीप सिंह ने परिजनों को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। संवाद