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होटल-मैरिज होम संचालकों को देना होगा जल दोहन का हिसाब

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होटल-मैरिज होम संचालकों को देना होगा जल दोहन का हिसाब
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मनमानी पर अंकुश लगाएगा पीसीबी, सबमर्सिबल पंप व बोरिंग पर लगाना होगा इलेक्ट्रो-मैग्नेटिक फ्लो मीटर
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। टीटीजेड (ताज ट्रेपेजियम जोन) में भूगर्भ जल के अति दोहन पर पीसीबी (प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) अंकुश लगाएगा। होटल और मैरिज होम संचालकों को निजी सबमर्सिबल पंप और पंपसेट(बोरिंग) लगवाने पर पीसीबी से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होगा। जल प्रवाह मापने के लिए इलेक्ट्रो-मैग्नेटिक फ्लो मीटर भी लगाना होगा।
टीटीजेड एरिया में भूगर्भ जल के अत्यधिक जल दोहन पर रोकने को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सख्ती करेगा। एनजीटी ने इस मामले में गत दिनों जरूरी निर्देश जारी करते हुए होटल एवं मैरिज होम संचालकों पर मनमानी पर लगाम कसने को कहा है। एनजीटी के निर्देशों के बाद अब होटल एवं मैरिज होम संचालकों को बूंद-बूंद पानी का हिसाब देना है। होटल एवं मैरिज होम में स्थापित समर्सिबल पंप और पंप सेट बोरिंग पर टैलीमेट्री के साथ ही इलेक्ट्रो-मैग्नेटिक फ्लो मीटर लगाना अनिवार्य किया गया है। इस संबंध में केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के सचिव एसके भरतिया ने पत्र भी भेजा है।
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भूगर्भ जल 288 फिट से भी नीचे
जिला में भूगर्भ जल का स्तर काफी नीचे है। खास तौर पर सर्वाधिक होटल-मैरिज होम वाले फिरोजाबाद,टूंडला और शिकोहाबाद में भूगर्भ जल स्तर 288 फीट से भी नीचे है। तीनों ब्लॉक व तहसीलों के अलावा एका, अरांव, हाथवंत और नारखी भी भूगर्भ जल स्तर नीचे होने के कारण डार्क जोन की श्रेणी में रखा गया है।
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हर वर्ष कराना होगा अनापत्ति प्रमाण पत्र का नवीनीकरण
केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा जारी पत्र के अनुसार होटल एवं रेस्टोरेंट स्वामियों को भूगर्भ जल का दोहन करने से जुड़ीं सूचनाएं पीसीबी को उपलब्ध करानी होंगी। औपचारिकता पूर्ण करने की स्थिति में होटल व मैरिज होम संचालकों को अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे।
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भूगर्भ जल दोहन कर रहे होटल-मैरिज होम संचालकों को विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य है। अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं करने वालों पर सख्ती की जाएगी। जिसमें बोरिंग अथवा सबमर्सिबल पंप को सील करना एवं जुुर्माना निर्धारण को भी विकल्प है।
- बीके द्विवेदी, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, फिरोजाबाद
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