फिरोजाबाद। शहरी क्षेत्र के कई मोहल्लों में पानी का संकट है। न तो इन मोहल्लों में गंगाजल पहुंच पा रहा है न ही नलकूप से पानी मिल रहा है। नई आबादी लेबर कॉलोनी के लोग जान जोखिम में डालकर दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग पार कर पीने का पानी लाने को मजबूर हैं। यही हाल 13 ग्राम सभाओं का भी है।
मोहल्ला हाजीपुरा,नगला विश्नू और नगला भाऊ क्षेत्र 2014-15 में नगर निगम में शामिल हुआ था। इसके बाद भी आज तक पानी की समस्या का समाधान नहीं हुआ। कहीं पानी का प्रेशर कम होने के कारण सप्लाई नहीं पहुंच पाती तो कहीं ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण नलकूप न चलने के कारण पानी का संकट है। यह हाल शहरी क्षेत्र के साथ नई आबादी वाले क्षेत्रों में तब है जब प्रदेश सरकार शहरी की जनता की प्यास बुझाने के लिए जेडाझाल परियोजना के तहत हर घर को गंगाजल उपलब्ध कराने के लिए 432 करोड़ खर्च कर चुकी है। इसके बाद भी शहर को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा।
इन क्षेत्रों में टैंकरों से होती है सप्लाई
लेबर कॉलोनी नई आबादी, हाजीपुरा, मेहताबनगर, दतौजी खुर्द, नगला भाऊ, बाबू जी की बगिया, 60 फुटा, नगला पान सहाय, हिमायूंपुर, सुदामानगर, झलकारी नगर के साथ अन्य मोहल्ले शामिल है। यहां आज तक जेडाझाल परियोजना के तहत गंगा जल की सप्लाई नहीं पहुंची।
सड़क, बिजली का भी बुराहाल
इन क्षेत्रों में सड़कें भी बदहाल हैं। लोगाें को आने जाने मेें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगह अभी तक बिजली के खंभे भी नहीं लग पाए हैं। इससे लोगों को काफी दिक्कत हो रही है।
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नहीं हो पाती पूर्ति
कई सालों से पानी का संकट बना हुआ है। टैंकर से क्षेत्र में पानी की पूर्ति नहीं हो पाती। इसलिए दिल्ली-हावड़ा रेलवे लाइन पार कर पानी भरकर लाना पड़ता है। अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं। -अरविंद कुमार, शिवनगर
सुविधाओं का है अभाव
सात वर्ष पहले शहरी नागरिक का दर्जा तो मिल गया, लेकिन क्षेत्र की स्थिति ग्राम पंचायत से अधिक खराब है। न पानी है और न ही बिजली और सड़क। दिक्कतों के बीच रहना पड़ रहा है। -श्याम शर्मा, शिवनगर
कई साल से कर रहे मांग
पेयजल संकट दूर करने के लिए कई सालों से मांग करते आ रहे है। जनप्रतिनिधियों से लेकर पार्षद और क्षेत्रीय नेताओं से भी समस्या के निस्तारण की मांग की गई, लेकिन अभी तक निस्तारण नहीं हुआ। -महेंद्र सिंह, नई आबादी लेबर कॉलोनी
अफसर नहीं दे रहे ध्यान
लेबर कॉलोनी वेस्ट ग्लास का क्षेत्र नगर निगम की सीमा में शामिल होने के बाद आबादी तेजी से बढ़ रही है, लेकिन सुविधाओं की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। -मोहम्मद शारिक अख्तर, नई आबादी लेबर कॉलोनी