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ग्राम प्रधान को पता नहीं, सचिव ने निकाल लिए 38.48 लाख रुपये

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ग्राम प्रधान को पता नहीं, सचिव ने निकाल लिए 38.48 लाख रुपये
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- एका ब्लॉक की ग्राम पंचायत कादीपुर के प्रधान ने सीडीओ, डीपीआरओ से की शिकायत
- पंचायत सचिव को नोटिस जारी, जांच में दोषी मिलने पर होगी कार्रवाई
- सचिव ने आरोपों को निराधार बताया
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। ग्राम प्रधान की बिना सहमति के ही सचिव ने ग्राम पंचायत के खाते से 38.48 लाख रुपये निकालकर खर्च कर दिए। इस संबंध में प्रधान ने सीडीओ चर्चित गौड के साथ ही डीपीआरओ नीरज कुमार सिन्हा को शिकायती पत्र सौंपा है। डीपीआरओ ने इसे गंभीरता से लेते हुए सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जवाब नहीं देने पर संबंधित सचिव के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आरोपी सचिव का वर्तमान में दूसरे ब्लाक में स्थानांतरण हो गया है।
मामला एका ब्लाक की ग्राम पंचायत कादीपुर का है। कादीपुर ग्राम पंचायत के प्रधान युवराज सिंह बघेल ने सीडीओ व डीपीआरओ को संबोधित शिकायती पत्र सौंपते हुए कहा कि ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के लिए धनराशि आवंटित की गई थी। इस धनराशि को ग्राम पंचायत में तैनात सचिव रामचंद्र के द्वारा बिना सहमति के ही मनमाने ढंग से निकालते रहे। प्रधान का आरोप है कि पंचायत सचिव ने प्रधान बनने के बाद अभी तक करीब 38.48 लाख रुपये निकाल लिए है। इस धनराशि को किस मद में खर्च किया इसकी भी जानकारी नहीं दी। सचिव का स्थानांतरण होने के बाद जब पंचायत में खर्च धनराशि के लिए डोंगल लगाकर देखा तो उसमें पैसा ही नहीं था। डीपीआरओ ने प्रधान की शिकायत को गंभीरता से लिया है। उन्होंने प्रधान की शिकायत पर पंचायत सचिव रामचंद्र को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस का जबाव तथ्यों सहित शीघ्र देने के आदेश दिए हैं। डीपीआरओ नीरज कुमार सिन्हा का कहना है कि एका ब्लाक की कादीपुर ग्राम पंचायत में तैनात सचिव रामचंद्र का ट्रांसफर हाथवंत ब्लाक के लिए हो गया है। प्रधान द्वारा वहां तैनाती के दौरान कोई शिकायत नहीं की गई। स्थानांतरण होने के साथ ही शिकायत आ गई। प्रधान की शिकायत की गंभीरता से जांच कराई जा रही है। सचिव यदि दोषी पाया जाता है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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वहीं सचिव रामचंद्र बोले, रकम की निकासी प्रधान के संज्ञान में डालकर की गई है। चूंकि प्रधान व सचिव के डोंगल अलग-अलग हैं। अगर, कोई बात थी तो उस वक्त ही शिकायत करनी चाहिए थी। मेरे ऊपर लगाए जा रहे सभी आरोप निराधार हैं।
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