फिरोजाबाद। यूपी बोर्ड की परीक्षाओं के दौरान नकल माफिया इस बार कॉपियों की अदला-बदली नहीं कर सकेंगे। अगर परीक्षा केंद्र के बाहर कॉपियां पकड़ी गईं तो आसानी से पता लगाया जा सकेगा कि उत्तर-पुस्तिका किस परीक्षा केंद्र से आई है। इस पर शिकंजा कसने के लिए बोर्ड ने कॉपियों के मुख्य पृष्ठ का स्वरूप बदलने के साथ ही अंदर की लाइनों का भी रंग बदल दिया है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं फरवरी में शुरू होने जा रही हैं। जिले में नकल माफिया कॉपियां बदलने से लेकर मुन्नाभाई तक की व्यवस्था करते रहे हैं। यही कारण है कि मथुरा में दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा सहित दक्षिण भारत से छात्र परीक्षा देने के लिए आते हैं। नकल माफिया मुख्यपृष्ठ को छोड़कर अंदर पुरानी उत्तर-पुस्तिकाओं का उपयोग करते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं हो सकेगा। इस बार उत्तर पुस्तिकाओं का मुख्य पृष्ठ नए स्वरूप में हैं। अंदर के पेजों पर भी लाइन रंगीन और गहरी हैं। डीआईओएस रितु गोयल ने बताया कि उत्तर-पुस्तिकाओं के स्वरूप में इस बार बोर्ड ने परिवर्तन कर दिया है।